Edited By Anil Kapoor,Updated: 13 Feb, 2026 10:11 AM

Ghaziabad News: टीला मोड़ थाना क्षेत्र की 'भारत सिटी सोसाइटी' में 4 फरवरी की सुबह जो चीखें गूंजी थीं, उनका दर्द अब गहरे रहस्यों में बदल गया है। तीन नाबालिग बहनों की मौत के बाद अब इस केस में ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिसने पुलिस और सोसाइटी के लोगों को...
Ghaziabad News: टीला मोड़ थाना क्षेत्र की 'भारत सिटी सोसाइटी' में 4 फरवरी की सुबह जो चीखें गूंजी थीं, उनका दर्द अब गहरे रहस्यों में बदल गया है। तीन नाबालिग बहनों की मौत के बाद अब इस केस में ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिसने पुलिस और सोसाइटी के लोगों को सुन्न कर दिया है।
बेघर होने की कगार पर पीड़ित पिता
एक तरफ पिता चेतन अपनी तीन बेटियों की मौत के गम में डूबे हैं, वहीं गुरुवार को उन्हें एक और झटका लगा। फ्लैट मालिकों ने चेतन को नीचे बुलाकर साफ कह दिया कि वे तुरंत फ्लैट खाली कर दें। चेतन ने पुलिस जांच का हवाला देकर समय मांगा, लेकिन मालिकों ने जल्द खाली न करने पर 'कानूनी नोटिस' की चेतावनी दे दी है।
सोसाइटी में सन्नाटा, 3 शादियों के खुलासे से हड़कंप
इस दर्दनाक हादसे के बाद जब जांच शुरू हुई, तो पता चला कि चेतन ने तीन शादियां कर रखी हैं। यह खबर जैसे ही सोसाइटी में फैली, लोग दंग रह गए। पहले किसी को इस बात की भनक तक नहीं थी। अब लोग इस एंगल से भी देख रहे हैं कि क्या घर के भीतर का तनाव इन बच्चियों की मौत की वजह बना?
क्या 'कोरियाई गेम' ने ली जान?
पिता चेतन ने पुलिस को एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटियां मोबाइल पर कोरियाई टास्क वाले गेम्स खेलती थीं और कोरियाई संस्कृति (K-Culture) से बेहद प्रभावित थीं। पुलिस अब डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से यह पता लगा रही है कि क्या किसी ऑनलाइन चैलेंज या 'सुसाइड गेम' ने उन्हें मौत के करीब धकेला।
1000 पन्नों का बैंक रिकॉर्ड और आर्थिक तंगी
पुलिस को चेतन के तीन बैंक खातों की डिटेल मिली है, जो 1000 पन्नों से भी ज्यादा की है। पुलिस इन खातों के लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि चेतन की आर्थिक स्थिति का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या उन पर कोई बड़ा कर्ज या आर्थिक दबाव था, जिसने परिवार को इस खौफनाक कदम की ओर मोड़ा।
हटे बैरियर, लेकिन बना हुआ है खौफ
हादसे वाली जगह से पुलिस ने बैरियर और रस्सियां तो हटा दी हैं, लेकिन पार्क में खेलने वाले बच्चों और वहां से गुजरने वाले लोगों के मन से डर नहीं हटा है। सोसाइटी का माहौल अब भी भारी है और हर कोई बस एक ही सवाल पूछ रहा है— आखिर उन तीन मासूमों ने मौत को गले क्यों लगाया?