Edited By Anil Kapoor,Updated: 12 Feb, 2026 08:11 AM

Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में विकास की एक बड़ी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-124D पर सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने के कारण 30 वर्षीय रविंद्र पासवान की 8 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर.....
Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में विकास की एक बड़ी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-124D पर सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने के कारण 30 वर्षीय रविंद्र पासवान की 8 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर मौत हो गई। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यदायी संस्था (कंपनी) के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है।
सऊदी से लौटे युवक का 'मौत से सामना'
दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के जलालाबाद गांव के रहने वाले रविंद्र पासवान महज दो महीने पहले ही सऊदी अरब से अपने घर लौटे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस सड़क के बनने का इंतज़ार पूरा इलाका कर रहा है, वही सड़क उनके लिए काल बन जाएगी।
हादसे की वजह
शहीद वीर अब्दुल हमीद चौक के पास अंडरपास बनाने के लिए 8 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। मौके पर न तो कोई बैरिकेडिंग थी, न कोई चेतावनी बोर्ड और न ही रात में रोशनी का इंतज़ाम। रविंद्र बाइक से जा रहा था, तभी सामने से आ रहे वाहन को बचाने के चक्कर में उनका संतुलन बिगड़ा और वह सीधा उस गहरे गड्ढे में जा गिरा।
30 मिनट तक तड़पता रहा युवक
हादसे के बाद रविंद्र के नाक और मुंह से भारी खून बहने लगा। दुखद बात यह रही कि मदद पहुंचने में करीब 30 मिनट की देरी हुई। बाद में ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर उन्हें बाहर निकाला और मऊ जिला अस्पताल भेजा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार में मातम, प्रशासन का सख्त एक्शन
तीन साल पहले ही रविंद्र की शादी हुई थी। वह पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। एडीएम आयुष चौधरी ने बताया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है। दुल्लहपुर थाने में संबंधित फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों की जवाबदेही तय करने के लिए एनएचएआई (NHAI) को पत्र भेजा गया है। पीड़ित परिवार को शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक मदद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।