Edited By Anil Kapoor,Updated: 11 Feb, 2026 09:56 AM

UP Budget 2026-27: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपना 10वां और इस कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सुबह 11 बजे विधानसभा में यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करेंगे, जिसका अनुमानित आकार 9.5 लाख...
UP Budget 2026-27: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपना 10वां और इस कार्यकाल का सबसे महत्वपूर्ण पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सुबह 11 बजे विधानसभा में यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करेंगे, जिसका अनुमानित आकार 9.5 लाख करोड़ रुपये बताया जा रहा है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, इस बजट को भाजपा का 'चुनावी मास्टरस्ट्रोक' माना जा रहा है।
पूजा-अर्चना के बाद विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने आवास पर पूजा-अर्चना की। सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें बजट प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी दी गई।
बजट 2026 की 5 सबसे बड़ी संभावित घोषणाएं:-
किसानों और शिक्षकों को बड़ी सौगात: बजट में 'वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी वृद्धि का ऐलान हो सकता है। साथ ही कृषि क्षेत्र के लिए नई सिंचाई परियोजनाओं का फंड बढ़ाया जाएगा।
- रोजगार और युवाओं पर फोकस: युवाओं के लिए स्वरोजगार योजनाओं और औद्योगिक निवेश के जरिए लाखों नई नौकरियों का रोडमैप तैयार किया गया है।
- पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज: क्षेत्रीय असमानता खत्म करने के लिए पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर बनाने के लिए भारी भरकम बजट दिया जा सकता है।
- पेंशन में बढ़ोतरी: वृद्धावस्था, दिव्यांग और निराश्रित महिला पेंशन की राशि में 500 से 1000 रुपये तक की मासिक वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
- मेट्रो और बुनियादी ढांचा: लखनऊ मेट्रो के विस्तार और चित्रकूट लिंक परियोजना जैसी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर मुहर लग सकती है।
इन बड़े प्रस्तावों पर भी सबकी नजर:
- बलरामपुर चीनी मिल: लखीमपुर में नई औद्योगिक इकाई के लिए 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' जारी हो सकता है।
- यूपीसीडा प्रोजेक्ट्स: राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हब बनाने के लिए विशेष आवंटन।
- गौतम बुद्ध विकास प्राधिकरण: संपत्तियों के विकास और नए आवंटन की नई नीति।