Edited By Anil Kapoor,Updated: 21 Feb, 2026 11:50 AM

Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पुलिस ने शराब तस्करों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। जहां तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एंबुलेंस को अपना हथियार बनाया था। जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल जान...
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पुलिस ने शराब तस्करों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। जहां तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एंबुलेंस को अपना हथियार बनाया था। जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल जान बचाने के लिए होता है, उसमें तस्कर हरियाणा से महंगी शराब की खेप यूपी के जिलों में खपा रहे थे।
एंबुलेंस रुकी तो पुलिस भी रह गई दंग
मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को थाना बसई अरेला और सर्विलांस पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि हरियाणा नंबर की एक एंबुलेंस में मरीज नहीं, बल्कि अवैध शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और संदिग्ध वाहन को रोका। जब एंबुलेंस का पिछला दरवाजा खुला, तो अंदर का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी चौंक गए। वहां स्ट्रेचर और दवाइयों की जगह हरियाणा की महंगी शराब की पेटियां सजी हुई थीं।
प्रयागराज जा रही थी खेप
पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रताप और राहुल के रूप में हुई है, जो जैतपुर के नाहटोली गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग हरियाणा से सस्ते दामों पर ब्रांडेड शराब खरीदते थे और ऑन-डिमांड उसे प्रयागराज और यूपी के अन्य शहरों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। पुलिस ने एंबुलेंस से 3 लाख 60 हजार रुपये कीमत की अवैध शराब बरामद की है।
एंबुलेंस ही क्यों चुनी?
तस्करों ने पूछताछ में कुबूल किया कि चेकपोस्ट और पुलिस की तलाशी से बचने के लिए एंबुलेंस सबसे सुरक्षित रास्ता थी। आमतौर पर पुलिस एंबुलेंस को इमरजेंसी वाहन मानकर बिना जांच के छोड़ देती है। इसी का फायदा उठाकर ये गिरोह लंबे समय से तस्करी कर रहा था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
आगरा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी (धारा 420) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस पूरे सप्लाई नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।