50 मासूम, 45 देश और 10 साल का नर्क: सौदागर पति-पत्नी को फांसी! रूह कंपा देगा डार्क वेब पर बिकती अस्मत का ये खौफनाक सच

Edited By Anil Kapoor,Updated: 21 Feb, 2026 06:49 AM

banda news couple sentenced to death for raping 50 children

Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पॉक्सो कोर्ट ने बच्चों के यौन शोषण के एक बेहद खौफनाक और घिनौने मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर (JE) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा....

Banda News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पॉक्सो कोर्ट ने बच्चों के यौन शोषण के एक बेहद खौफनाक और घिनौने मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर (JE) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई है। इन दोनों पर वर्षों तक मासूम बच्चों का यौन उत्पीड़न करने और उनके वीडियो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचने का दोष सिद्ध हुआ है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2010 से 2020 के बीच का है। चित्रकूट में सिंचाई विभाग में तैनात जेई रामभवन ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बांदा, चित्रकूट और आसपास के इलाकों के मासूम बच्चों को अपनी हवस का शिकार बनाया। सीबीआई (CBI) ने 18 नवंबर 2020 को रामभवन को गिरफ्तार किया था। छापेमारी के दौरान आरोपी के घर से 8 मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, आपत्तिजनक सामान और 8 लाख रुपये नकद मिले थे। जांच में सामने आया कि यह जोड़ा बच्चों के यौन शोषण के वीडियो और फोटो डार्क वेब के माध्यम से लगभग 45 देशों में बेचता था।

लालच देकर जाल में फंसाते थे मासूमों को
दोषी रामभवन बच्चों को फुसलाने के लिए मोबाइल फोन, चॉकलेट और घड़ी जैसी चीजों का लालच देता था। खेल-खेल में वह बच्चों को अपने जाल में फंसाता और फिर उनके साथ दरिंदगी करता था। उसकी पत्नी दुर्गावती इस पूरे अपराध में उसकी बराबर की भागीदार थी। वह बच्चों को काबू करने और साक्ष्य छिपाने में मदद करती थी।

दरिंदगी की इंतहा: 3 साल के बच्चे भी थे शिकार
सीबीआई की जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे रूह कपा देने वाले थे। पीड़ित बच्चों में कुछ की उम्र 3 साल से भी कम थी। यौन उत्पीड़न के दौरान कई बच्चे शारीरिक रूप से जख्मी हो गए थे। कुछ बच्चों की आंखों में भेंगापन तक आ गया था। आरोपी अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल (बच्चों का शोषण करने वाले) नेटवर्क से जुड़ा था और ईमेल के जरिए वीडियो का सौदा करता था।

अदालत का फैसला और पीड़ितों को मुआवजा
बांदा पॉक्सो कोर्ट ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' (दुर्लभतम) माना। कोर्ट में 50 से अधिक बच्चों ने अपने बयान दर्ज कराए, जिससे आरोपियों के खिलाफ केस बेहद मजबूत हुआ। 18 फरवरी 2026 को दोषी करार दिए जाने के बाद, अब कोर्ट ने पति-पत्नी दोनों को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि दोषी जेई की संपत्ति और घर से बरामद नकदी से प्रत्येक पीड़ित बच्चे के परिवार को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए।

न्याय की जीत
31 अक्टूबर 2020 को दर्ज हुए इस मामले में सीबीआई ने 10 फरवरी 2021 को चार्जशीट दाखिल की थी। लगभग 5 साल चली कानूनी लड़ाई और ठोस पैरवी के बाद आज उन 50 मासूमों को न्याय मिला है, जिनका बचपन इन दरिंदों ने छीन लिया था।

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