Edited By Anil Kapoor,Updated: 21 Feb, 2026 12:59 PM

Viral News: कहते हैं कि मां की गोद वो स्वर्ग है जिसे इंसान तो क्या, बेजुबान जानवर भी ताउम्र तलाशते हैं। लेकिन जापान के एक चिड़ियाघर से एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने पूरी दुनिया की आंखों को नम कर दिया। यह कहानी है पंच नाम के एक नन्हे बंदर की, जिसने...
Viral News: कहते हैं कि मां की गोद वो स्वर्ग है जिसे इंसान तो क्या, बेजुबान जानवर भी ताउम्र तलाशते हैं। लेकिन जापान के एक चिड़ियाघर से एक ऐसी कहानी सामने आई जिसने पूरी दुनिया की आंखों को नम कर दिया। यह कहानी है पंच नाम के एक नन्हे बंदर की, जिसने अपनी जिंदगी के शुरुआती दिन अपनी असली मां की छांव में नहीं, बल्कि एक बेजान खिलौने के सहारे काटे।
जन्म के साथ ही शुरू हुआ अकेलेपन का सफर
26 जुलाई 2025 को जापान के इचिकावा सिटी जू में पंच का जन्म हुआ। लेकिन कुदरत का फैसला कुछ और ही था। जन्म लेते ही उसकी मां ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया और खुद से दूर कर दिया। जू के कर्मचारियों ने नन्हे पंच को संभाला, उसे दूध पिलाया और पाल-पोसकर बड़ा किया, लेकिन वे उसे वो ममता नहीं दे सके जिसकी उसे जरूरत थी।

खिलौने में तलाशता रहा मां की गर्माहट
पंच जब थोड़ा बड़ा हुआ, तो उसने बार-बार अपनी मां और अपने झुंड के पास जाने की कोशिश की। लेकिन हर बार उसे वहां से दुत्कार कर भगा दिया गया। डरा हुआ और सहमा हुआ पंच वापस अपने कमरे में आता और अपने इकलौते साथी—एक सॉफ्ट टॉय (खिलौने) से लिपट जाता। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा गया कि कैसे पंच उस बेजान खिलौने के सीने से लगकर सोता था, मानो वही उसकी मां हो। उस खिलौने की रुई में वह अपनी मां की धड़कन तलाशता था। यह मंजर देखकर दुनिया भर के करोड़ों लोगों का दिल पसीज गया।

दुखद कहानी का सुखद अंत
लेकिन यह कहानी सिर्फ आंसुओं पर खत्म नहीं होती। जू के कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और पंच को धीरे-धीरे बाकी बंदरों के साथ घुलाने-मिलाने का प्रयास जारी रखा। आखिरकार, उनकी मेहनत रंग लाई। ताजा अपडेट के मुताबिक, पंच अब अकेला नहीं है। झुंड के दूसरे बंदरों ने अब उसे अपनाना शुरू कर दिया है। वह अब खिलौने को छोड़कर अपने साथियों के साथ खेलता है और बंदरों के कुनबे का हिस्सा बन चुका है। जो बच्चा कभी मां के प्यार को तरसता था, आज उसे पूरा परिवार मिल गया है।