जापान में पटरी छोड़ हवा में उड़ेंगे CM योगी! 600 की रफ्तार और जादुई ट्रेन का सफर, 9 साल बाद दुनिया देखेगी UP वाला दम

Edited By Anil Kapoor,Updated: 20 Feb, 2026 10:33 AM

lucknow news cm yogi to board a train that flies above the tracks in japan

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से अपने 9 साल के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर निकल रहे हैं। निवेश और तकनीक के संगम वाली इस यात्रा में सीएम योगी सिंगापुर और जापान के दौरे पर रहेंगे। 2017 में म्यांमार...

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से अपने 9 साल के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर निकल रहे हैं। निवेश और तकनीक के संगम वाली इस यात्रा में सीएम योगी सिंगापुर और जापान के दौरे पर रहेंगे। 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह उनका दूसरा विदेशी दौरा है।

600 KM की रफ्तार और जादुई ट्रेन का सफर
इस दौरे का सबसे रोमांचक हिस्सा जापान में सीएम योगी का 'मैग्लेव ट्रेन' (Maglev Train) का सफर होगा। क्या है मैग्लेव? यह ट्रेन पटरियों पर दौड़ती नहीं, बल्कि शक्तिशाली चुंबकीय बल (Magnetic Power) के कारण पटरियों से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है। यह ट्रेन 600 किमी/घंटा की अविश्वसनीय गति से चलती है।  मुख्यमंत्री करीब 100 किलोमीटर तक इस अत्याधुनिक ट्रेन का परीक्षण करेंगे। यूपी के भविष्य के परिवहन ढांचे (Transport Infrastructure) के लिए यह अनुभव मील का पत्थर साबित हो सकता है।

सिंगापुर में उद्योगपतियों से मुलाकात
22 फरवरी को सीएम योगी सिंगापुर पहुंचेंगे। वहां 23 और 24 फरवरी को उनका पूरा जोर निवेश पर रहेगा। डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी। वे सिंगापुर के बड़े निवेशकों और वहां बसे प्रवासी भारतीयों से संवाद करेंगे ताकि यूपी में भारी निवेश लाया जा सके।

विदेश में राम-हनुमान भक्ति और पारंपरिक पहनावा
मुख्यमंत्री विकास के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी साथ लेकर चल रहे हैं। जापान में टोक्यो के पास स्थित प्राचीन राम और हनुमान मंदिर में सीएम योगी दर्शन-पूजन करेंगे। सीएम योगी अपनी पारंपरिक भगवा वेशभूषा में ही नजर आएंगे। हालांकि, सुरक्षा और प्रोटोकॉल के तहत तकनीकी दौरों के दौरान वे सैंडल की जगह जूते पहन सकते हैं।

यूपी के लिए क्यों जरूरी है यह दौरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी में पहले से ही एक्सप्रेसवे और मेट्रो का जाल बिछा हुआ है। जापान की 'मैग्लेव' और सिंगापुर की 'लॉजिस्टिक्स' तकनीक को समझकर यूपी को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी है। 9 साल में मात्र दूसरी बार विदेश जाना यह दर्शाता है कि यह यात्रा केवल प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिए एक सोची-समझी रणनीति है।

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