1 लाख लापता, 81% बरामद: UP में गुमशुदा लोगों की तलाश में पुलिस की बड़ी छलांग, पर 20 हजार अब भी रडार से बाहर

Edited By Anil Kapoor,Updated: 21 Feb, 2026 08:13 AM

lucknow news 88 000 out of 100 000 missing persons found in 2 years

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में गुमशुदा लोगों की तलाश को लेकर यूपी पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया है। डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो सालों में लापता हुए 1 लाख से अधिक लोगों में से पुलिस ने 88,022 लोगों को...

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में गुमशुदा लोगों की तलाश को लेकर यूपी पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया है। डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो सालों में लापता हुए 1 लाख से अधिक लोगों में से पुलिस ने 88,022 लोगों को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला है। हालांकि, इस बड़ी सफलता के बावजूद 20,350 लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस ने एक विशेष रणनीति तैयार की है।

क्या कहता है पुलिस का डेटा?
1 जनवरी 2024 से 18 जनवरी 2026 के बीच के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:-
- कुल गुमशुदगी: 1,08,372 मामले दर्ज हुए।
- सफलता: 88,022 लोगों को पुलिस ने खोज निकाला।
- रिकवरी रेट: यूपी पुलिस का दावा है कि उनका रिकवरी रेट 81.22% रहा है।
- बाकी चुनौतियां: 20,350 लोग अब भी पुलिस की फाइलों में लापता हैं।
पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए लोगों में से कुछ की मौत हो चुकी थी, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे जो खुद घर लौट आए थे, लेकिन उनके परिवारों ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी थी। अब यह सारा डेटा CCTNS पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है।

हाईकोर्ट की फटकार और स्वत: संज्ञान
यह तेजी तब आई जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में खुद संज्ञान लिया। एक याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट को पता चला था कि राज्य में लापता लोगों की संख्या 1 लाख पार कर गई है, जबकि पुलिस की रिकवरी बहुत कम थी। हाईकोर्ट ने इसे अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताते हुए जनहित याचिका (PIL) दर्ज करने का आदेश दिया था। साथ ही, अपर मुख्य सचिव (गृह) और डीजीपी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।

डीजीपी का एक्शन प्लान
हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर, एडीजी जोन और एसएसपी को पत्र लिखकर सख्त निर्देश दिए हैं। गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए अब जिला स्तर पर विशेष टीमें काम कर रही हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होनी है, जिसमें सरकार को पूरा रिकॉर्ड पेश करना होगा।

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