VIDEO: बिजली संकट में खुली वैकल्पिक व्यवस्था की पोल, नहीं काम आया सोलर प्लांट

Edited By Mamta Yadav,Updated: 24 Mar, 2023 10:05 PM

योगी सरकार बिजली उत्पादन को बढ़ाने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोड़ दे रही है...मगर, हालही में बिजली कर्मियों की हड़ताल के दौरान प्रदेश में जब बिजली संकट का दौर शुरू हुआ तो...कुशीनगर में करोड़ों की लागत से स्थापित वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत की पोल...

योगी सरकार बिजली उत्पादन को बढ़ाने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोड़ दे रही है...मगर, हालही में बिजली कर्मियों की हड़ताल के दौरान प्रदेश में जब बिजली संकट का दौर शुरू हुआ तो...कुशीनगर में करोड़ों की लागत से स्थापित वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत की पोल खुल गई...

बता दें कि यहां पर्यटन स्थली कुशीनगर में सड़क पर बिजली और पानी की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए करीब दो करोड़ 24 लाख की लागत से सोलर पैनल प्लांट लगाए गए थे...लेकिन इन सोलर पैनलों को इंस्टाल करने वाली कंपनी आधा अधूरा कार्य छोड़ गए...इस प्लांट की पोल उस दौर में खुली जब बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से पूरा महापरिनिर्वाण मार्ग अंधेरे में डूबा गया...प्लांट में अधूरे काम की वजह से न सड़क पर रोशनी की व्यवस्था रही और न ही पानी सप्लाई ही ठीक से हो पाई...
बिजली संकट के दौरान कुशीनगर घूमने आये पर्यटक होटलों में ही कैद हो कर रह गए...इतना ही नहीं इन सोलर पैनलों के खराब होने का खामियाजा करीब 20 हजार की आबादी को भी भुगतना पड़ा जो करीब 48 घंटे तक पानी के लिए तरसती रही...

कुशीनगर नगरपालिका में सोलर पैनल प्लांट में हुए महा भ्रष्टाचार की पोल तब खुल गई जब पूरे यूपी में विद्युत कर्मियों की हड़ताल से पूरा यूपी परेशान था जिसमे कुशीनगर  नगरपालिका भी शामिल था... ऐसे में जो हड़ताल से 48 घँटे से अधिक जब बिजली गुल हुई तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर 2016-17 में यहां सोलर प्लांट लगाए गए थे...करोड़ों की लागत से तीन जगहों पर ये प्लांट लगाए गए..जिसका उद्देश्य था कि जब भी बिजली संकट का दौर आएगा तो...वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया जाएगा...लेकिन, जब बिजली संकट आया तो सोलर प्लांट शो पीस बनकर रह गया...स्थानीय लोग इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं...वहीं, अब इस मामले में डीएम ने जांच कर कार्रवाई की आश्वासन दिया है...

स्थानीय लोग नगरपालिका प्रशासन पर सोलर प्लांट में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए...जिसमें कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है...नगर पालिका ने अग्रिम भुगतान के तौर पर कंपनी को 1 करोड़ 13 लाख का भुगतान भी कर दिया है...जो कि नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रहा है।

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