Edited By Anil Kapoor,Updated: 08 Jan, 2026 11:03 AM

Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में दलित समाज द्वारा आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम के दौरान दबंगों ने जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि कुछ लोगों ने धार्मिक आयोजन में घुसकर ना सिर्फ तोड़फोड़ की, बल्कि मंच पर रखी डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को...
Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में दलित समाज द्वारा आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम के दौरान दबंगों ने जमकर उत्पात मचाया। आरोप है कि कुछ लोगों ने धार्मिक आयोजन में घुसकर ना सिर्फ तोड़फोड़ की, बल्कि मंच पर रखी डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को तोड़कर फेंक दिया और साउंड सिस्टम भी क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना 6 जनवरी की रात करीब 8 बजे थाना ऊसराहार क्षेत्र के ग्राम भोराजपुर की है। बताया जा रहा है कि विवाद मंच पर बैठने और साउंड बजाने को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसा में बदल गया।
साउंड ऑपरेटर की बेरहमी से पिटाई
कार्यक्रम के दौरान जब साउंड ऑपरेटर राहुल ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इस हमले में राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन दबंगों ने किसी की एक नहीं सुनी।
आंबेडकर की मूर्ति और पोस्टर को बनाया निशाना
ग्रामीणों के अनुसार, भागवत कथा के मंच पर देवी-देवताओं के साथ बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति और पोस्टर लगाए गए थे। आरोप है कि रामू यादव, भूरे यादव, संजीव यादव और उनके साथियों ने मंच पर पहुंचते ही हंगामा शुरू कर दिया और आंबेडकर की मूर्ति को तोड़कर नीचे फेंक दिया।
घटना का वीडियो वायरल, गांव में तनाव
पूरी घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी खुलेआम धमकी देते नजर आ रहे हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया, जिसके चलते पुलिस को तुरंत सूचना दी गई।
पुलिस की कार्रवाई, SC-ST एक्ट में केस दर्ज
मामले में क्षेत्राधिकारी राम दबन मौर्य ने बताया कि सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुई मारपीट और तोड़फोड़ के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने एफआईआर में नामजद एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और शांति व्यवस्था बनाए रखी गई है।
पहले भी इटावा में विवाद
गौरतलब है कि इससे पहले भी इटावा में यादव कथावाचकों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आ चुका है, जिस पर प्रदेशभर में विवाद हुआ था। उस समय इस मुद्दे पर सपा और भाजपा आमने-सामने आ गई थीं और मामला सियासी रंग ले चुका था।