Edited By Purnima Singh,Updated: 08 Jan, 2026 02:05 PM

यूपी की राजनीति के बड़े चहरे और सपा के कद्दावर नेता विजय सिंह का निधन हो गया है। उनका लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज चल रहा था और इसी दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने की है ...
SP MLA Vijay Singh Death : यूपी की राजनीति के बड़े चहरे और सपा के कद्दावर नेता विजय सिंह का निधन हो गया है। उनका लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज चल रहा था और इसी दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने की है।
सोनभद्र के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक विजय सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी दोनों किडनी खराब हो गई थी, जिसके चलते उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था।
आदिवासी राजनीति के 'पितामह' का निधन
प्रदेश की 403वीं अंतिम विधानसभा सीट दुद्धी से जुड़े आदिवासी नेता विजय सिंह के निधन से सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में गहरा शोक फैल गया है। विजय सिंह गोंड आदिवासी समाज की आवाज़ को बुलंद करने वाले अग्रणी नेताओं में शुमार थे और उन्हें आदिवासी राजनीति का ‘पितामह’ कहा जाता था।
कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत
विजय सिंह ने 1979 में कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। उस समय वे वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत थे। इस जीत के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
आदिवासी राजनीति में किए उल्लेखनीय प्रयास
विजय सिंह ने दुद्धी और ओबरा विधानसभा को अनुसूचित जनजाति सीट घोषित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। 1989 में अपने राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को हराकर उन्होंने आदिवासी राजनीति में एक नया अध्याय लिखा।
आठ बार रहे विधानसभा के सदस्य
विजय सिंह गोंड विभिन्न राजनीतिक दलों से होते हुए आठ बार विधानसभा सदस्य रहे और आदिवासी हितों को प्रदेश की राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई। उन्होंने सदन में आदिवासी समाज के अधिकारों को मजबूती से उठाया और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए।
अपूरणीय क्षति, समाज में शोक की लहर
उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक और आदिवासी समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। नेता, कार्यकर्ता और समर्थक इसे अपूरणीय क्षति मान रहे हैं और उनकी याद को सम्मानपूर्वक सहेजने की बात कर रहे हैं।