जघन्य हत्याकांड के 3 दोषियों को अदालत ने सुनाई मौत की सजा, 2012 में मां बेटे की हुई थी हत्या

Edited By Ramkesh, Updated: 29 Jan, 2022 04:51 PM

the court sentenced the three convicts of the heinous murder to death

जिले के थाना करहल इलाके के जलालपुर गांव में 1 अक्टूबर 2012 की रात दो रिश्तेदारों की मदद से पिता ने सौतेली मां और सौतेले भाई के जघन्य हत्याकांड के तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए एफटीसी (फास्ट ट्रैक कोर्ट) द्वितीय जज तरन्नुम खान ने फांसी की सजा सुनाकर...

मैनपुरी: जिले के थाना करहल इलाके के जलालपुर गांव में 1 अक्टूबर 2012 की रात दो रिश्तेदारों की मदद से पिता ने सौतेली मां और सौतेले भाई के जघन्य हत्याकांड के तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए एफटीसी (फास्ट ट्रैक कोर्ट) द्वितीय जज तरन्नुम खान ने फांसी की सजा सुनाकर दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। 

2012 में हुआ था जघन्य हत्या कांड
जानकारी के मुताबिक थाना करहल इलाके के  जलालपुर गांव में एक अक्तूबर 2012 की रात नौ अपने ही अपनो के हत्यारे बने थे। आरोपी मनीष यादव ने अपने दो रिश्तेदारों की मदद से हत्याकांड को अंजाम दिया था जिसमे पिता सुखराम, सौतेली मां सुषमा, सौतेले भाई अभिषेक की हत्या कर दी गयी थी। सुखराम के भाई अवध सिंह ने मनीष यादव निवासी जलालपुर, वीरेंद्र यादव निवासी नगला बसई थाना बकेवर जिला इटावा, कमलेश उर्फ कल्लू निवासी आलमपुर थाना भरथना जिला इटावा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीनों को जेल भेजने के बाद जांच करके चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मुकदमे की सुनवाई जज तरन्नुम खान की कोर्ट में हुई।

मजबूत गवाहों ने दिलाई सजा
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचन, चिकित्सा सहित गवाहों ने तीनों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी गयी। मजबूत साक्ष्य और गवाहों के चलते   तीनों को जघन्य हत्याकांड करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र चौहान ने दोषियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी द्वितीय जज तुरन्नुम खान ने तीनों को फांसी की सजा सुनाकर एक एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाये जाने के बाद तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया है।

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