Edited By Purnima Singh,Updated: 15 Jan, 2026 07:40 PM

असम के संगीत जगत से एक और दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध असमिया गायक समर हजारिका का मंगलवार सुबह 75 वर्ष की उम्र में उनके निजारापार स्थित आवास पर निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्रजनित स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे .....
UP Desk : असम के संगीत जगत से एक और दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध असमिया गायक समर हजारिका का मंगलवार सुबह 75 वर्ष की उम्र में उनके निजारापार स्थित आवास पर निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्रजनित स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और हाल ही में शहर के एक अस्पताल में उपचाराधीन थे। समर हजारिका, भारत रत्न से सम्मानित लोकगायक डॉ. भूपेन हजारिका के सबसे छोटे भाई थे।
संगीत को समर्पित रहा जीवन
नीलकांत हजारिका और शांतिप्रिया हजारिका के पुत्र समर हजारिका ने अपने करियर में कई संगीत एलबमों और असमिया फिल्मों में पार्श्व गायन किया। रेडियो, एलबम और फिल्मों के जरिए उन्होंने असमिया संगीत को नई पहचान दी और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया।
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मुख्यमंत्री ने जताया शोक
समर हजारिका के निधन पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वरिष्ठ गायक समर हजारिका के निधन से वे बेहद दुखी हैं। उनकी भावपूर्ण आवाज हर अवसर को खास बना देती थी। उन्होंने असम की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी और सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई, खासकर उनकी जन्मशती समारोह के दौरान।
स्वर्णिम आवाज का अंत
समर हजारिका के निधन के साथ ही असम ने अपनी एक और अनमोल आवाज खो दी है। उनका जन्म वर्ष 1951 में असम के सदिया क्षेत्र में एक संगीतप्रेमी परिवार में हुआ था। दस भाई-बहनों में वे सबसे छोटे थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा असम में ही पूरी की।
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गीतों में झलकता था मानवीय भाव
समर हजारिका के गीतों में मानवता, प्रेम और भाईचारे का संदेश साफ झलकता था। उनके संगीत और स्वर ने पीढ़ियों तक श्रोताओं को प्रभावित किया। असमिया संगीत जगत में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।