UP Police का कारनामा! 5 साल पहले जानवर बताकर फेंकी इंसान की लाश, DNA रिपोर्ट ने खोली साज़िश की पोल, पैसे लेकर नहीं की कार्रवाई....

Edited By Purnima Singh,Updated: 16 Jan, 2026 02:13 PM

5 year old murder case solved in shahjahanpur

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में 19 दिसंबर 2020 को हुई एक मोबाइल दुकान में आग लगने की घटना अब 5 साल बाद हत्याकांड में बदल गई है। थाना रोजा बस अड्डा क्षेत्र में नईम की मोबाइल शॉप में आग लगने की सूचना पर पुलिस जब मौके पर पहुंची थी, तो दुकान के अंदर...

शाहजहांपुर : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में 19 दिसंबर 2020 को हुई एक मोबाइल दुकान में आग लगने की घटना अब 5 साल बाद हत्याकांड में बदल गई है। थाना रोजा बस अड्डा क्षेत्र में नईम की मोबाइल शॉप में आग लगने की सूचना पर पुलिस जब मौके पर पहुंची थी, तो दुकान के अंदर एक अधजला शव मिला था। उस समय पुलिस ने इसे जानवर का शव बताकर तालाब में फेंक दिया था।

शव का एक टुकड़ा फॉरेंसिक जांच के लिए रखा गया सुरक्षित 
हालांकि, शव का एक टुकड़ा फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया था। अब डीएनए रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि यह शव किसी जानवर का नहीं, बल्कि इंसान का था। मृतक की पहचान अभिषेक यादव के रूप में हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक के परिवार ने 5 साल न्याय की लड़ाई लड़ी
शाहजहांपुर के रामचंद्र मिशन क्षेत्र निवासी अभिषेक यादव के पिता राम अवतार ने 15 फरवरी 2021 को बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिवार लगातार उनकी तलाश करता रहा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साल 2022 में जब थाना रोजा में जले हुए शव की पोटली खोली गई, तो उसमें अंडरवियर, हाथ का कड़ा और ताबीज मिला। परिजनों ने दावा किया कि यह उनके बेटे अभिषेक यादव का है। इसके बाद शव का डीएनए परीक्षण करवाया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि यह शव अभिषेक का ही था।

पुलिस की लापरवाही और आरोप
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और शव को जानवर बताकर फेंक दिया। मृतक के पिता का कहना है कि उनके बेटे के पास 75,250 रुपये थे, जो घटना के बाद गायब हो गए। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि एक पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें धमकाया भी।

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पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, न्याय के लिए भटकता रहा परिवार 
मृतक की मां सुमन यादव ने बताया कि उनके बेटे को पकड़कर लाठी-डंडों से पीटा गया और दुकान में आग लगाकर जला दिया गया। उनके अनुसार पुलिस ने पैसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की और परिवार को 5 साल तक न्याय के लिए भटकना पड़ा।

आरोपी और जांच की स्थिति
परिवार की शिकायत के बाद थाना रामचंद्र मिशन में नईम और राजू समेत एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। 
सीओ सिटी पंकज पंत ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शव की पहचान अभिषेक यादव के रूप में हुई है। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक थाना रामचंद्र मिशन कर रहे हैं। हत्या की जांच के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है और आरोपियों को जल्द न्याय दिलाने के लिए पुलिस पूरी सक्रियता से काम कर रही है।

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परिजनों की मांग
परिवार का कहना है कि न सिर्फ आरोपियों, बल्कि उस समय लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। राम अवतार ने कहा, "मेरे बेटे को बुलाकर मारा गया, लाठी-डंडों से पीटा गया और दुकान में जला दिया गया। दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।"

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