Edited By Purnima Singh,Updated: 15 Jan, 2026 04:30 PM

राजस्थान की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। वागड़ अंचल के वरिष्ठ आदिवासी नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कहकर कांग्रेस में वापसी का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले से प्रदेश की राजनीति में...
जयपुर: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। वागड़ अंचल के वरिष्ठ आदिवासी नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कहकर कांग्रेस में वापसी का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मालवीया का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली
मालवीया का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा है। वह कांग्रेस के टिकट पर एक बार सांसद, चार बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके हैं। करीब दो वर्ष पहले उन्होंने कांग्रेस और विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन की थी, लेकिन अब उन्होंने फिर से अपनी पुरानी पार्टी का रुख कर लिया है।
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद लिया फैसला
रविवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात के बाद मालवीया ने कांग्रेस में लौटने की घोषणा की। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि मालवीया ने भाजपा में जाना अपनी एक राजनीतिक भूल माना है।
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भाजपा मंत्री की प्रतिक्रिया
मालवीया की घर वापसी पर राजस्थान सरकार के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि यह उनका निजी निर्णय है और इस पर अनावश्यक टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस में रहते हुए मालवीया को असहजता महसूस हुई थी, इसलिए वे भाजपा में आए थे। अब यदि उन्हें भाजपा में भी संतोष नहीं मिल रहा है, तो कांग्रेस में जाकर उन्हें सुकून मिलेगा।
पुराने संबंधों का प्रभाव
मंत्री खर्रा ने यह भी कहा कि संभव है कि पुराने साथियों से मुलाकात के दौरान पुरानी यादें ताजा हुई हों, जिसके चलते उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक घर में लौटने का फैसला लिया। यह बयान उन्होंने भीलवाड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में दिया।
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कांग्रेस आलाकमान करेगा अंतिम फैसला
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि मालवीया की वापसी को लेकर पार्टी की अनुशासन समिति में विचार-विमर्श किया जाएगा। समिति की रिपोर्ट के बाद अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिया जाएगा।
“जनता के काम नहीं हो पा रहे थे”
अपनी वापसी की वजह बताते हुए महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने कहा कि भाजपा की सरकार होने के बावजूद वे क्षेत्र की जनता के काम पूरे नहीं करवा पा रहे थे। उन्होंने डबल इंजन सरकार के भरोसे भाजपा जॉइन की थी, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं। कार्यकर्ताओं और समर्थकों से चर्चा के बाद उन्होंने कांग्रेस में लौटने का फैसला किया।