Edited By Anil Kapoor,Updated: 13 Jan, 2026 08:25 AM

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से गायब चल रहे डॉक्टरों पर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ऐसे 17 डॉक्टरों को बर्खास्त करने का फैसला लिया है, जो महीनों से, और कुछ तो...
Lucknow News: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से गायब चल रहे डॉक्टरों पर सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने ऐसे 17 डॉक्टरों को बर्खास्त करने का फैसला लिया है, जो महीनों से, और कुछ तो वर्षों से, ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने इन डॉक्टरों को कई बार नोटिस भेजे थे, लेकिन न तो वे ड्यूटी पर लौटे और न ही उन्होंने कोई जवाब दिया। इसके अलावा मरीजों के साथ खराब व्यवहार, इलाज में लापरवाही और वित्तीय गड़बड़ी के मामलों में भी कई डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई है।
इन 17 डॉक्टरों को किया गया बर्खास्त
ड्यूटी से लगातार गैरहाजिर रहने वाले जिन डॉक्टरों को नौकरी से हटाने का फैसला हुआ है, उनमें शामिल हैं —
कानपुर देहात: बनीपारा पीएचसी – डॉ. महेंद्र सिंह
बरेली: सीएमओ कार्यालय – डॉ. विनय कुमार
औरैया: अजीतमल सीएचसी – डॉ. शालिनी, डॉ. प्रभा पाल
औरैया: अछल्दा घसारा पीएचसी – डॉ. अजय राजपूत
औरैया: गूरा बिधूना पीएचसी – डॉ. आलोक कुमार
औरैया: राजकीय चिकित्सालय – डॉ. प्रदीप कुमार
वाराणसी: सीएमओ कार्यालय – स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योत्सना पांडेय
प्रयागराज: सैदाबाद सीएचसी – डॉ. रेखा देवी
सहारनपुर: कैलाशपुर पीएचसी – डॉ. अमित कुमार
अलीगढ़: जवां सीएचसी – डॉ. अंदलीव रुवाब शुएब
प्रयागराज: रामनगर सीएचसी – डॉ. विजय कुमार गुप्ता
झांसी: बबीना पीएचसी – डॉ. अजय विक्रम सिंह
बाराबंकी: जैदपुर सीएचसी – डॉ. बेनजीर
सुल्तानपुर: जयसिंहपुर सीएचसी – डॉ. जगराम वर्मा
सुल्तानपुर: अखंडनगर पीएचसी – डॉ. सत्यनाम कुमार भारतीय
बरेली: मीरगंज सीएचसी – डॉ. सुधाकर पांडेय
इन सभी को जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी कर नौकरी से हटाया जाएगा।
मरीजों से बदसलूकी पर जांच
मरीजों के साथ खराब व्यवहार और लापरवाही के आरोप में चार डॉक्टरों पर विभागीय जांच बैठाई गई है —
लखनऊ: रामसागर मिश्र अस्पताल – डॉ. नेहा सिंह
महराजगंज जिला अस्पताल – डॉ. शालिनी वर्मा
मथुरा फरह सीएचसी – डॉ. अंजलि वर्मन
मथुरा फरह सीएचसी के अधीक्षक – डॉ. राम गोपाल
इसके अलावा, कानपुर मेडिकल कॉलेज से तबादले के बाद जालौन मेडिकल कॉलेज में जॉइन न करने वाले डॉक्टर के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
गलत प्रतिनियुक्ति खत्म होगी
राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चित्रा सुरेश की प्रतिनियुक्ति रद्द की जाएगी। वे करीब 9 साल से वहां तैनात थीं, लेकिन उनकी नियुक्ति में नियमों का पालन नहीं हुआ था।
इलाज में लापरवाही पर जवाब तलब
लखनऊ के जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉ. अजीत सिंह, डॉ. महेंद्र कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार और डॉ. मोहम्मद तहसीन से इलाज में लापरवाही पर जवाब मांगा गया है।
इन डॉक्टरों को चेतावनी
गोरखपुर पिपरौली सीएचसी – डॉ. नीतू कुमारी
फिरोजाबाद जाटऊ सीएचसी – डॉ. अमित जिंदल
बलिया जिला अस्पताल – इमरजेंसी डॉक्टर डॉ. अनुराग सिंह
इनकी वेतनवृद्धि रोकी गई
कई डॉक्टरों की सैलरी बढ़ोतरी भी रोकी गई है —
सहारनपुर टीबी अस्पताल – डॉ. संजीव कुमार जैन (1 वेतनवृद्धि)
लखनऊ सिविल हॉस्पिटल – डॉ. ओमप्रकाश (2 वेतनवृद्धि)
मेरठ हरितनापुर सीएचसी – डॉ. सतीश भास्कर (2)
अंबेडकर नगर कटेहरी सीएचसी – डॉ. नायला आफशीन (1)
बदायूं सलरेर सीएचसी – डॉ. राजवीर सिंह (1)
बलिया सिकंदरपुर सीएचसी – डॉ. सतीश कुमार सिंह (2)
मऊ सीएमओ कार्यालय – डॉ. भैरव कुमार पांडेय (3)
रिटायर्ड अफसरों की पेंशन से कटौती
गोरखपुर जिला अस्पताल के पूर्व सीएमएस डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव और पूर्व एसीएमओ डॉ. एस.के. पांडेय पर दवाइयों की गलत खरीद का आरोप है। दोनों की पेंशन से हर महीने 10% कटौती की जाएगी।