अनुप्रिया पटेल और DM सुशील पटेल में तनातनी, BJP के खिलाफ खोला मोर्चा

Edited By Umakant yadav,Updated: 20 Oct, 2020 01:01 PM

tension between anupriya patel and dm sushil front opened against bjp

मिर्जापुर की सांसद और अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल जिलाधिकारी सुशील पटेल से नाराज हैं और उनकी शिकायत कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कर चुकी है। पर निराशा हाथ लगी है।

मिर्जापुर: मिर्जापुर की सांसद और अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल जिलाधिकारी सुशील पटेल से नाराज हैं और उनकी शिकायत कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कर चुकी है। पर निराशा हाथ लगी है। अब अपरोक्ष रूप से पार्टी ने प्रदेश के उर्जा राज्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक रमाशंकर सिंह पटेल के माध्यम से भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

ताजा घटनाक्रम से जिले में बबाल मच गया है। रमाशंकर सिंह द्वारा किए गए शिलान्यास को जिला प्रशासन ने तोड़ कर फेंक दिया है। ऐसा अनुप्रिया के जिलाधिकारी सुशील पटेल से स्पष्टीकरण मांगने वाले पत्र के बाद हुआ। मुख्यमंत्री को भी प्रेषित इस पत्र के बाद आनन-फानन में शिलापट्ट को हटा दिया गया। अब भारी पुलिस बल तैनात की गयी है। शिलान्यास पत्थर तोड़ कर हटाने पर भाजपा कार्यकर्ता गुस्से में है।अनुप्रिया पटेल की अब तक शिकायत थी कि जिलाधिकारी उनके कोई कार्य नहीं करते। यहां तक उनके द्वारा जिले के विकास के लिए केन्द्र से लाई चार बड़ी योजनाओं पर अडंगा लगा लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर लिखित शिकायत की है। इन पत्रों की प्रेस विज्ञप्ति भी समय-समय से जारी करती रही हैं।

वहीं केन्द्र सरकार की हजारों करोड़ की विन्ध्याचल और बुन्देलखण्ड के लिए घर-घर नल, घर-घर जल योजना की अदलहाट के गोठौरा में 17 अक्टूबर को राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह द्वारा शिलान्यास के बाद उनका धैर्य जबाब दे दिया। अब वे खुलकर मैदान में हैं। जिलाधिकारी तो बहाना है। असल तो भाजपा से लड़ाई है। इनके पहले के जिलाधिकारी अनुराग पटेल अनुप्रिया के एसमैन थे। तब भाजपाई दोयम थे।

अपना दल अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर लौटती डाक से अपने प्रश्नों का उत्तर मांगा है। पत्र की प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूछा है 2127 करोड़ रुपये की केन्द्र सरकार की इस योजना के शिलान्यास के लिए अनुमति ली थी? इस सरकारी कार्यक्रम के लिए उन्हें और अन्य विधायकों के साथ राज्यसभा सदस्य रामसकल को सूचित किया गया था? स्पष्ट करें। पत्र मिलने के बाद गला फंसता देख जिलाधिकारी ने शिलापट्ट हटवा दिया है।

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