Edited By Purnima Singh,Updated: 04 Mar, 2026 10:47 AM

Gold-Silver Price Prediction : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजरायल के बीच जारी टकराव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में तेज हलचल पैदा कर दी है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।...
Gold-Silver Price Prediction : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजरायल के बीच जारी टकराव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में तेज हलचल पैदा कर दी है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक, दोनों कीमती धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर छू लिए हैं। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने मौजूदा तेजी के बीच सतर्क रहने की सलाह दी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड तेजी (Gold-Silver Price Prediction)
मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने और ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दी गई चेतावनी के बाद निवेशकों ने सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख किया।
स्पॉट गोल्ड: सोमवार को कीमतें 5,400 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गईं। फिलहाल सोना 5,362 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
स्पॉट सिल्वर: चांदी 89.64 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है, जो पिछले चार हफ्तों का उच्चतम स्तर है।
घरेलू बाजार में भी उछाल
भारतीय वायदा बाजार Multi Commodity Exchange of India (MCX) में 10 ग्राम सोने का भाव 1,70,000 रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। चांदी में भी मजबूती देखी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध जैसे हालात में निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों से निकलकर सोने-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश बढ़ाते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है।
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तेजी के पीछे क्या हैं कारण?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा उछाल केवल युद्ध तनाव का नतीजा नहीं है। इसके पीछे केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और वैश्विक स्तर पर ‘डी-डॉलराइजेशन’ की प्रक्रिया भी अहम भूमिका निभा रही है। INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी के मुताबिक, यदि क्षेत्रीय तनाव में थोड़ी भी कमी आती है या कोई कूटनीतिक समाधान निकलता है, तो सोने में 3–5% और चांदी में 5–8% तक की गिरावट आ सकती है।
वहीं Kotak Mahindra Asset Management Company के फंड मैनेजर सतीश डोंडापति ने कहा कि मजबूत होता अमेरिकी डॉलर भी बुलियन बाजार पर दबाव डाल सकता है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने पर सोने-चांदी में तेज करेक्शन देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर निवेश करते समय सावधानी जरूरी है। यदि भू-राजनीतिक हालात स्थिर होते हैं तो कीमतों में मुनाफावसूली का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में निवेशकों को चरणबद्ध निवेश और बाजार की वैश्विक परिस्थितियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।