Edited By Purnima Singh,Updated: 02 Mar, 2026 04:12 PM

कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर लंबे समय से सोशल मीडिया पर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाती रही हैं, खासकर महिलाओं की फर्टिलिटी को लेकर। लेकिन अब एक बड़े वैज्ञानिक अध्ययन ने इन दावों को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि कोविड वैक्सीन का बच्चे के जन्म की दर...
UP Desk : कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर लंबे समय से सोशल मीडिया पर तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाती रही हैं, खासकर महिलाओं की फर्टिलिटी को लेकर। लेकिन अब एक बड़े वैज्ञानिक अध्ययन ने इन दावों को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि कोविड वैक्सीन का बच्चे के जन्म की दर में कमी से कोई संबंध नहीं है।
वैक्सीन पर लगे आरोपों की जांच
महामारी के बाद के चरण में स्वीडन समेत कुछ देशों में जन्म दर में गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद सवाल उठे कि कहीं नई mRNA कोविड वैक्सीन इसका कारण तो नहीं। स्वीडन की Linköping University में सोशल मेडिसिन के प्रोफेसर Tomas Timpka ने इस पर स्पष्ट किया कि अध्ययन के नतीजे वैक्सीन और जन्म दर में गिरावट के बीच किसी ठोस संबंध की पुष्टि नहीं करते।
यह शोध प्रतिष्ठित जर्नल Communications Medicine में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में वैक्सीनेटेड और गैर-वैक्सीनेटेड महिलाओं के बीच बच्चे के जन्म और गर्भपात के मामलों में कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया।
60,000 महिलाओं के आंकड़ों का विश्लेषण
यह अध्ययन स्वीडन में 18 से 45 वर्ष की लगभग 60,000 महिलाओं पर आधारित था। इनमें से 75 प्रतिशत महिलाओं को 2021 से 2024 के बीच कोविड वैक्सीन की एक या अधिक खुराक दी गई थी। शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य रिकॉर्ड के आधार पर जन्म, गर्भपात, वैक्सीनेशन और मृत्यु से जुड़े डेटा का विश्लेषण किया।
नतीजे पहले हुए कई अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों के अनुरूप रहे, जिनमें कोविड वैक्सीन और फर्टिलिटी के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया था। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह अध्ययन आम आबादी में गर्भधारण और गर्भावस्था पर केंद्रित था, जबकि इससे पहले के अधिकतर शोध फर्टिलिटी ट्रीटमेंट ले रहे जोड़ों तक सीमित थे।
गर्भधारण दर पर कई अन्य कारक प्रभावी
शोधकर्ताओं ने उम्र, पहले से मौजूद बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य कारकों को भी ध्यान में रखकर विश्लेषण किया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि परिणाम केवल वैक्सीन के प्रभाव को दर्शाएं। कई अध्ययनों में यह सामने आ चुका है कि कोविड संक्रमण गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। वहीं, वैक्सीनेशन इस खतरे को काफी हद तक कम करता है।
प्रोफेसर टिम्पका ने कहा कि मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट रूप से बताते हैं कि कोविड-19 वैक्सीन से मिलने वाला सुरक्षा लाभ किसी भी संभावित जोखिम से कहीं अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि जो महिलाएं परिवार शुरू करने की योजना बना रही हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं रखनी चाहिए।