“मैं जीना चाहता हूं, लेकिन बेबस हूं…” शिक्षक ने मौत से पहले छोड़ा सुसाइड नोट, BSA पर गंभीर आरोप

Edited By Ramkesh,Updated: 22 Feb, 2026 07:24 PM

i want to live but i am helpless   teacher leaves suicide note before death

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में एक शिक्षक की कथित आत्महत्या ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह ने मौत से पहले एक वीडियो संदेश और चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने देवरिया के बेसिक शिक्षा...

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में एक शिक्षक की कथित आत्महत्या ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह ने मौत से पहले एक वीडियो संदेश और चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने देवरिया के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर उत्पीड़न और आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

कमरे में पंखे से लटके मिले
पुलिस के अनुसार, कुशीनगर निवासी कृष्ण मोहन सिंह गुलरिहा में अपने बड़े भाई के घर परिवार सहित रहते थे। उनकी तैनाती देवरिया जिले के गौरी बाजार विकास खंड के एक प्राथमिक विद्यालय में थी। शनिवार सुबह उनका शव कमरे में छत के पंखे से लटका मिला।

वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
पुलिस ने बताया कि बरामद वीडियो संदेश में सिंह ने दावा किया है कि एक कथित जांच से बचने के लिए उन्होंने लगभग एक लाख रुपये दिए थे और इसके लिए बीएसए कार्यालय के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। वीडियो में उन्होंने कहा, “मैं अपने बच्चों और पत्नी के लिए जीना चाहता हूं, लेकिन मैं बेबस हूं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जेब में एक सुसाइड नोट है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित किया गया है।

सुसाइड नोट में 20 लाख रुपये की मांग का आरोप
पुलिस के मुताबिक, नोट में आरोप लगाया गया है कि सिंह और दो अन्य शिक्षकों से “पहले की एक जांच से जुड़े मामलों को निपटाने” के लिए 20 लाख रुपये प्रति व्यक्ति की मांग की गई थी। सिंह ने दावा किया कि यह रकम किश्तों में दी गई, जिसमें गहने गिरवी रखने और रिश्तेदारों से उधार लेने जैसी बातें शामिल थीं।

एफआईआर दर्ज, जांच जारी
शिक्षक की पत्नी की शिकायत पर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, एक लिपिक और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) अभिनव त्यागी ने बताया कि वीडियो और सुसाइड नोट जब्त कर लिए गए हैं और मामले की जांच जारी है।

देवरिया प्रशासन ने की कार्रवाई
देवरिया में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने मामले का संज्ञान लेते हुए एक लिपिक को निलंबित कर दिया है और तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में गठित टीम में एसडीएम (सदर) और जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य हैं। टीम बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है, जो इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएंगे।

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