कोरोना ने मचाया हाहाकार: श्मशान घाटों में भी नहीं मिल रही अंतिम संस्कार की जगह

Edited By Tamanna Bhardwaj,Updated: 21 Apr, 2021 02:18 PM

corona created an outcry cremation grounds are not being

कोरोना वायरस की दूसरी लहर देश भर में अपना तांडव मचाए हुए है। आलम ये है कि रोज़ाना लाखों की संख्या में संक्रमित सामने आ रहे हैं और हज़ारों लोग मौत की नींद सो रहे हैं। ऐसे में हालात अब इतने बिगड़ चुके हैं कि मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पर...

मेरठ: कोरोना वायरस की दूसरी लहर देश भर में अपना तांडव मचाए हुए है। आलम ये है कि रोज़ाना लाखों की संख्या में संक्रमित सामने आ रहे हैं और हज़ारों लोग मौत की नींद सो रहे हैं। ऐसे में हालात अब इतने बिगड़ चुके हैं कि मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पर जगह नहीं मिल रही। आलम ये है कि अनेक कोरोना पीड़ितों के शवों का संस्कार ज़मीन पर ही कराया जा रहा है। ये हालात देखने को मिल रही है। मेरठ के सूरजकुंड श्मशान घाट पर। जमीन पर अब तक 10 से अधिक शवों का संस्कार किया जा चुका है। 
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दरअसल, कोरोना की इस तबाही भरी दूसरी लहर का जिस तरह से लोगों के जीवन पर कहर पड़ रहा है। उससे श्मशान घाट के फर्श और प्लेट भी लगातार तपिश के कारण खराब होते जा रहे हैं। 24 घंटे शवों का संस्कार होना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। श्मशान घाटों पर कोविड के लिए बनाए गए प्लेटफॉर्म भी कम नजर आ रहे हैं। मेरठ के सूरजकुंड में कोविड मरीजों के 4 प्लेटफॉर्म भी यहां अब कम नजर आ रहे हैं। जबकि 6 और प्लेट फार्म शमशान घाट में कोविड मरीजों के लिए तैयार किए जा रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि कितनी जल्दी कर कर श्मशान घाट में प्लेटफार्म तैयार किए जाएंगे या फिर इसी तरीके से लोगों का अंतिम संस्कार प्लेटफार्म ना होने की वजह से जमीन पर ही होता रहैगा।

शमशानघाट के पदाधिकारियों ने बताया कि पहले के मुकाबले अब शमशानघाट पर आने वाले शवों के आंकड़ों में एकाएक इज़ाफ़ा हुआ है और अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पड़ रही है। इसलिए यहां आने वाले शवों का नीचे रखकर अंतिम संस्कार किया गया लेकि। अब हालात को देखते हुए अंतिम संस्कार के लिए नए प्लेटफॉर्म का निर्माण कराया जा रहा है। 


 

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