Edited By Anil Kapoor,Updated: 04 Mar, 2026 10:57 AM

Noida News: होली खुशियों और आपसी भाईचारे का त्योहार है, लेकिन डिजिटल दौर में इस उल्लास के पीछे साइबर अपराधियों का एक बड़ा जाल भी छिपा है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि होली स्पेशल गिफ्ट और डिस्काउंट ऑफर के नाम पर आने वाले मैसेज आपकी जमा पूंजी पर...
Noida News: होली खुशियों और आपसी भाईचारे का त्योहार है, लेकिन डिजिटल दौर में इस उल्लास के पीछे साइबर अपराधियों का एक बड़ा जाल भी छिपा है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि होली स्पेशल गिफ्ट और डिस्काउंट ऑफर के नाम पर आने वाले मैसेज आपकी जमा पूंजी पर डाका डाल सकते हैं।
कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?
साइबर एक्सपर्ट प्रोफेसर आर बी सिंह के अनुसार, ठग अक्सर व्हाट्सएप (WhatsApp) या एसएमएस (SMS) के जरिए आकर्षक लिंक भेजते हैं। इसमें दावा किया जाता है कि किसी मशहूर कंपनी या बैंक की ओर से आपको होली का खास इनाम मिला है। जैसे ही कोई व्यक्ति उत्सुकता में इस लिंक पर क्लिक करता है, उसके फोन में एक APK फाइल (मैलवेयर) डाउनलोड होने का विकल्प आता है। इसे इंस्टॉल करते ही आपका फोन आपके हाथ में तो रहता है, लेकिन उसका कंट्रोल (Remote Access) साइबर अपराधी के पास चला जाता है।
OTP और बैंक बैलेंस पर सीधी नजर
मैलवेयर इंस्टॉल होने के बाद अपराधी आपके फोन के मैसेज, ईमेल और गैलरी तक पहुंच बना लेते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि ये अपराधी आपके OTP (वन टाइम पासवर्ड) को भी पढ़ लेते हैं। इसके बाद पेटीएम, गूगल-पे या बैंकिंग ऐप्स के जरिए चंद मिनटों में आपका खाता खाली कर दिया जाता है।
सिर्फ पैसा ही नहीं, निजता भी दांव पर
ठग केवल पैसे ही नहीं चुराते, बल्कि आपके फोन में मौजूद निजी फोटो और दस्तावेजों को भी चोरी कर लेते हैं। बाद में इन जानकारियों का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग या अन्य अपराधों के लिए किया जा सकता है।
एक्सपर्ट की सलाह
प्रोफेसर सिंह ने सुरक्षित रहने के लिए कुछ जरूरी टिप्स साझा किए हैं:-
- किसी भी अनजान नंबर से आए 'लुभावने ऑफर' वाले लिंक पर क्लिक न करें।
- कोई भी आधिकारिक संस्था या बैंक कभी भी व्हाट्सएप पर फाइल भेजकर ऐप इंस्टॉल करने को नहीं कहता।
- अपने फोन में Unknown Sources से ऐप इंस्टॉल करने का विकल्प हमेशा बंद रखें।
- यदि आप ठगी का शिकार हो जाएं, तो बिना देर किए 1930 (National Cyber Crime Helpline) पर कॉल करें।