Edited By Anil Kapoor,Updated: 22 Feb, 2026 10:01 AM

Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुए छात्र मनीष यादव हत्याकांड का पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने सबको हौरान कर दिया है। जिसे पहले एक साधारण रेल हादसा माना जा रहा था, वह असल में ऑनर किलिंग की एक खौफनाक साजिश....
Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हुए छात्र मनीष यादव हत्याकांड का पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने सबको हौरान कर दिया है। जिसे पहले एक साधारण रेल हादसा माना जा रहा था, वह असल में ऑनर किलिंग की एक खौफनाक साजिश निकली। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और एक एक्सरे रिपोर्ट के जरिए कातिलों तक पहुंचने में सफलता हासिल की है।
प्रेम प्रसंग और फौजी भाई का गुस्सा
मनीष यादव का रामपुर में तैनात एक महिला ट्रेनी पुलिसकर्मी आकांक्षा यादव के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस रिश्ते की खबर आकांक्षा के भाई अभिषेक यादव को लग गई, जो जालंधर में CRPF जवान के रूप में तैनात है। अभिषेक को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।
कत्ल की खौफनाक पटकथा
अभिषेक 17 फरवरी को छुट्टी पर इटावा आया। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर मनीष के अपहरण की साजिश रची। 18 फरवरी को मनीष को अगवा कर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या को हादसा दिखाने के लिए शव को प्लास्टिक की बोरी में पैक कर चितभवन रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया, ताकि ट्रेन से कटने के बाद मौत का कारण एक्सीडेंट लगे।
एक्सरे ने फेल कर दी कातिलों की प्लानिंग
मनीष का शव ट्रैक पर बुरी तरह कटा हुआ मिला। शुरुआती पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने इसे हादसा बताया, लेकिन परिजनों को शक था। उनकी मांग पर 5 डॉक्टरों के पैनल ने दोबारा पोस्टमार्टम किया। जब उसमें भी कुछ नहीं मिला, तो शव का एक्सरे कराया गया। एक्सरे रिपोर्ट में शरीर के अंदर फंसी गोली दिखाई दी, जिससे यह साफ हो गया कि मनीष को पहले मारा गया और फिर ट्रैक पर फेंका गया।
पुलिस की कार्रवाई और तकनीक का सहारा
पुलिस ने मनीष के मोबाइल नंबरों की डिटेल और तकनीकी जांच के बाद इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ा। पुलिस ने हत्या में शामिल एक आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी अभिषेक (CRPF जवान) और उसका एक अन्य साथी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।