Edited By Ramkesh,Updated: 16 Jan, 2026 06:51 PM

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सरकारी सिस्टम और यातायात व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आईटीआई से कोकपुरा हाईवे के बीच एक नशे में धुत ट्रक चालक ने बाइक सवार सिपाही को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई।...
इटावा (अरवीन): उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सरकारी सिस्टम और यातायात व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। आईटीआई से कोकपुरा हाईवे के बीच एक नशे में धुत ट्रक चालक ने बाइक सवार सिपाही को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद जिले की ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पीआरवी 112 में तैनात रहा मृतक सिपाही
मृतक सिपाही की पहचान मलिक के रूप में हुई है, जो वर्ष 2019–20 बैच का सिपाही था और पीआरवी 112 में तैनात रहते हुए थाना बसरेहर क्षेत्र में सेवाएं दे रहा था। बताया जा रहा है कि सिपाही सरकारी कार्य से वापस थाने/ऑफिस लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ। ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी और चालक नशे की हालत में बताया जा रहा है।
घटनास्थल पर ही सिपाही की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक चालक ने नियंत्रण खो दिया और सीधे बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सिपाही ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
यातायात व्यवस्था पर सवालिया निशान
इस घटना ने इटावा की यातायात व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह से निष्क्रिय है। नशे में वाहन चलाने वालों पर कोई सख्ती नहीं है और ट्रैफिक पुलिस केवल वसूली तक सीमित रह गई है। हाईवे पर न तो नियमित चेकिंग होती है और न ही भारी वाहनों पर नियंत्रण।
लोगों की मांग ट्रैफिक नियमों का सख्ती से हो पालन
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता और नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई होती, तो शायद एक जवान की जान बचाई जा सकती थी। इस हादसे के बाद पुलिस विभाग में भी शोक की लहर है। वहीं, आम जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।