तीर्थस्थलों में बढ़ती श्रद्धालु संख्या बेहतर व्यवस्थाओं का प्रमाण: केशव प्रसाद मौर्य

Edited By Ramkesh,Updated: 19 Feb, 2026 05:45 PM

increasing number of devotees at pilgrimage sites is proof of better arrangement

उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं का प्रमाण है। विधान परिषद में सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि सरकार...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं का प्रमाण है। विधान परिषद में सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि सरकार तीर्थस्थलों पर व्यवस्थाओं की निगरानी करती है, जबकि ‘सुगम दर्शन’ शुल्क का निर्णय संबंधित मंदिर ट्रस्ट या प्रबंधन समिति द्वारा लिया जाता है।

अयोध्या में ‘सुगम दर्शन’ पर कोई शुल्क नहीं
मौर्य ने साफ किया कि राम मंदिर अयोध्या में ‘सुगम दर्शन’ के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर का प्रबंधन उसके मंदिर न्यास परिषद द्वारा किया जाता है, जो दर्शन संबंधी व्यवस्थाओं और संभावित शुल्क पर निर्णय लेता है।

काशी में ‘सुगम दर्शन’ के आंकड़े
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच काशी में ‘सुगम दर्शन’ के लिए लगभग 10.7 लाख श्रद्धालुओं को दर्शन पर्ची जारी की गई। उन्होंने कहा कि मंदिरों में सुगम दर्शन शुल्क लागू करने का फैसला संबंधित ट्रस्ट द्वारा लिया जाता है और राज्य सरकार सुरक्षा तथा आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करती है।

 काशी विश्वनाथ धाम के बाद बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
मौर्य के अनुसार काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में जहां लगभग 77 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 17 करोड़ से अधिक हो गया।

 विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा
उन्होंने बताया कि विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2014 में लगभग 28 हजार विदेशी श्रद्धालु आए थे, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या करीब 3.99 लाख और वर्ष 2025 में 3.21 लाख रही।

पवित्रता और पारदर्शिता पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तीर्थस्थलों की पवित्रता और सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर व्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं के कारण देश-विदेश के श्रद्धालुओं का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

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