बरेली में 3 बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, फर्जी भारतीय आईडी और दस्तावेज बरामद...पुलिस ने खोला राज

Edited By Imran,Updated: 25 Aug, 2025 01:02 PM

3 bangladeshi women arrested in bareilly

एक ओर केंद्र सरकार घुसपैठियों को लेकर कड़े तेवर अपने हुए है और घुसपैठियों को किसी भी सूरत में बक़शने के मूड में नही है। वहीं बरेली ज़िले में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में तीन बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है।

बरेली ( मो. जावेद खान ): एक ओर केंद्र सरकार घुसपैठियों को लेकर कड़े तेवर अपने हुए है और घुसपैठियों को किसी भी सूरत में बक़शने के मूड में नही है। वहीं बरेली ज़िले में पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में तीन बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन महिलाओं पर फर्जी भारतीय आईडी बनवाने, अलग-अलग नाम, माता- पिता और जन्मतिथि से कई पासपोर्ट तैयार करने और अवैध रूप से र्न भारत में रहने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं अपनी बांग्लादेशी नागरिकता छिपाकर लंबे समय से यहां वे निवास कर रही थीं और विदेश यात्राएं भी कर चुकी हैं। प्रेमनगर थाने की पुलिस टीम ने गोपनीय र सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। थाना प्रभारी आशुतोष रघुवंशी के नेतृत्व में टीम 1 ने मोहल्ला बानखाना से मुख्य आरोपी मुनारा बी टि उम्र करीब 65 वर्ष को गिरफ्तार किया।

मूल रूप से बांग्लादेश के जेस्सोर जिले की रहने वाली है, लेकिन वह बरेली के मौलानगर में रह रही थी। उसकी निशानदेही पर सतीपुर चौराहे से दो अन्य महिलाओं सायरा बानो (उम्र करीब 48 वर्ष) और तसलीमा (उम्र करीब 45 वर्ष) को भी पकड़ा गया। ये दोनों हाफिजगंज इलाके में रहती थीं और मूल रूप से बांग्लादेश की ही हैं पुलिस ने बताया कि 21 अगस्त को उपनिरीक्षक वीरेश भारद्वाज ने इस मामले में प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा संख्या 322/2025 के तहत आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 के अलावा पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 12 (1), फॉरेनर्स एक्ट 1946 की धारा 14 और 14 तथा आधार एक्ट 2016 की धारा 35 के तहत केस दर्ज किया गया। पूछताछ में साजिश का खुलासा होने पर आईपीसी की धारा 120 कभी जोड़ी गई। गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

बचपन में आई थी, शादी की और बस गई
मुख्य आरोपी मुराबी ने बताया कि वह बचपन में भारत आई थी और यहां शादी कर बस गई। उसके पति मोहम्मद यासीन उर्फ कल्लू की मौत हो चुकी है। वह घरों में झाडू- पोछा का काम करती है। मुनारा ने कबूला कि उसने सायरा बानो के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाए और पिछले 12 सालों में बांग्लादेश, दुबई समेत कई देशों की यात्राएं कीं। वह अशिक्षित है और अपनी बांग्लादेशी पहचान छिपाकर यहां रह रही थी।सायरा बानो ने कहा कि उसके पति की मौत हो चुकी है और वह मजदूरी करती है। उसके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। उसने अपनी बहन मुनारा की विदेश यात्राओं के लिए फर्जी पासपोर्ट बनवाने में मदद की । तसलीमा ने भी यही बात दोहराई कि वह अशिक्षित है, मजदूरी करती है और मुनारा की मदद की। पुलिस इनकी संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है, जिसमें विदेशी कनेक्शन और अन्य अपराधों की संभावना शामिल है।

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