Edited By Purnima Singh,Updated: 18 Mar, 2026 01:05 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि राज्य में धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में हो रही वृद्धि बेहतर मूलभूत ढांचे और जनता के गहरे होते विश्वास को जाहिर करने के साथ-साथ सरकार के लिए चुनौतियां और अवसर...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि राज्य में धार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में हो रही वृद्धि बेहतर मूलभूत ढांचे और जनता के गहरे होते विश्वास को जाहिर करने के साथ-साथ सरकार के लिए चुनौतियां और अवसर भी पेश करती है। मुख्यमंत्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के 555 तीर्थयात्रियों में से प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित करने के बाद अपने सम्बोधन में कहा कि पहले संसाधनों की कमी के कारण केवल सीमित संख्या में ही श्रद्धालु ऐसी यात्राएं कर पाते थे लेकिन अब हालात काफी बदल गये हैं।
उन्होंने कहा, "एक समय था जब संसाधन सीमित थे और केवल सीमित संख्या में ही श्रद्धालु यात्रा कर पाते थे। आज उत्तर प्रदेश में सुविधाएं बेहतर हुई हैं और आप देख सकते हैं कि कितनी बड़ी संख्या में लोग यहां आ रहे हैं।" मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2025 में राज्य भर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर लगभग 164 करोड़ तीर्थयात्री आए जिनमें से अकेले प्रयागराज महाकुंभ में ही 66 करोड़ श्रद्धालु शामिल थे। उन्होंने बताया कि वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम जन्मभूमि और मथुरा-वृंदावन जैसे स्थानों पर करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
आदित्यनाथ ने कहा, "इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन एक अवसर भी है और एक चुनौती भी। सरकार बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। चाहे वह कनेक्टिविटी हो, मूलभूत सुविधाएं हों, या तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए की गई अन्य व्यवस्थाएं हों।" मुख्यमंत्री ने साल 2017-18 में गाजियाबाद में 'कैलाश मानसरोवर भवन' के निर्माण का भी जिक्र किया और कहा कि यह उन तीर्थयात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करता है जो यात्रा से संबंधित अपनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए यहां आते हैं।