Edited By Purnima Singh,Updated: 14 Mar, 2026 06:38 PM

उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत प्रथम और द्वितीय चरण में 1.56 लाख से अधिक विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया कि प्रथम चरण में इन...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत प्रथम और द्वितीय चरण में 1.56 लाख से अधिक विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया कि प्रथम चरण में इन बच्चों को लगभग 1.09 लाख सीटों का आवंटन किया जा चुका है जबकि द्वितीय लॉटरी में 47 हजार से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है।
बयान के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, इसी क्रम में आरटीई अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा दिलाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरटीई के तहत सर्वाधिक प्रवेश लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, मुरादाबाद और बुलंदशहर जैसे जनपदों में हुए हैं, जहां हजारों बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिला है।
इसी प्रकार अलीगढ़, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, फिरोजाबाद और बरेली जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर मिला है। आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है ताकि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।