LPG सिलेंडर बुकिंग के नाम पर बड़ा स्कैम! UP-उत्तराखंड में बिछाया जाल, जरा सी चूक और उड़ जाएगी आपकी जमा पूंजी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 17 Mar, 2026 10:12 AM

agra news cyber  fraudsters attack amid lpg cylinder shortage

Agra News: अगर आप भी एलपीजी (LPG) सिलेंडर बुक करने जा रहे हैं या बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस सप्लाई में आ रही दिक्कतों का फायदा अब साइबर अपराधी....

Agra News: अगर आप भी एलपीजी (LPG) सिलेंडर बुक करने जा रहे हैं या बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण गैस सप्लाई में आ रही दिक्कतों का फायदा अब साइबर अपराधी उठा रहे हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में गैस बुकिंग के नाम पर ठगी का एक नया और खतरनाक खेल शुरू हो गया है।

कैसे जाल बिछा रहे हैं जालसाज?
साइबर अपराधी खुद को गैस एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन कर रहे हैं। ठगी का तरीका कुछ इस तरह है। ठग लोगों को फोन करके कहते हैं कि आपका सिलेंडर बुक है या बुकिंग पेंडिंग है। वे दावा करते हैं कि अगर आप उनके द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करेंगे या ओटीपी (OTP) शेयर करेंगे, तो सिलेंडर की डिलीवरी 24 घंटे के भीतर पक्की हो जाएगी। व्हाट्सएप या एसएमएस के जरिए ऐसे लिंक भेजे जा रहे हैं, जिन्हें खोलते ही आपके फोन का कंट्रोल ठगों के पास जा सकता है और आपकी बैंकिंग डिटेल्स चोरी हो सकती हैं।

UP और उत्तराखंड में मचा हड़कंप
पुलिस के अनुसार, आगरा (यूपी) और उत्तराखंड से ऐसे मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं। आगरा के डीसीपी (साइबर क्राइम) ने चेतावनी दी है कि लोग अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर बिल्कुल भरोसा न करें। वहीं, उत्तराखंड एसटीएफ (STF) के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि ठग मैलवेयर (खतरनाक सॉफ्टवेयर) वाले लिंक भेजकर लोगों के निजी डेटा और बैंक बैलेंस पर हाथ साफ कर रहे हैं।

सावधानी ही बचाव है, पुलिस की सलाह
साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस ने जनता के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- गैस बुकिंग केवल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (IVRS) से ही करें।
-  गैस एजेंसी कभी भी फोन पर आपसे ओटीपी या बैंक की जानकारी नहीं मांगती।
- व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें।
- अगर आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें।

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