Edited By Anil Kapoor,Updated: 17 Mar, 2026 09:37 AM

Saharanpur News: उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के खतरनाक नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुरादाबाद के एक निजी कॉलेज से बीडीएस (BDS) की पढ़ाई कर रहे छात्र हारिश अली को गिरफ्तार...
Saharanpur News: उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के खतरनाक नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुरादाबाद के एक निजी कॉलेज से बीडीएस (BDS) की पढ़ाई कर रहे छात्र हारिश अली को गिरफ्तार किया गया है। शांत स्वभाव का दिखने वाला यह छात्र पर्दे के पीछे से जहरीला प्रोपेगेंडा फैला रहा था और युवाओं को 'फिदायीन' (आत्मघाती हमलावर) बनने के लिए उकसा रहा था।
BDS की पढ़ाई और लैपटॉप में ISIS का कंटेंट
सहारनपुर के मानकमऊ का रहने वाला हारिश अली मुरादाबाद में बीडीएस द्वितीय वर्ष का छात्र है। जब एटीएस ने उसके ठिकानों पर छापेमारी की, तो उसके लैपटॉप और मोबाइल से भारी मात्रा में आईएसआईएस से जुड़ी आपत्तिजनक वीडियो, फोटो और डिजिटल सामग्री बरामद हुई। जांच में पता चला कि वह 'अल अत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन' नाम से एक सोशल मीडिया ग्रुप चला रहा था, जिसके जरिए वह आतंकी सामग्री फैलाता था।
लोकतंत्र में नहीं यकीन, दुनिया में चाहता था शरिया
पूछताछ के दौरान हारिश ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह भारतीय लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नहीं करता। उसका मुख्य उद्देश्य दुनिया में शरिया कानून लागू करना और खिलाफत की स्थापना करना था। वह ऑनलाइन मॉड्यूल के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें जिहाद के नाम पर आत्मघाती हमलों के लिए तैयार कर रहा था।
डिजिटल शातिर- VPN और सीक्रेट ऐप्स का इस्तेमाल
पकड़े जाने से बचने के लिए हारिश बेहद चालाकी से काम कर रहा था। वह इंस्टाग्राम के साथ-साथ सेशन और डिस्कॉर्ड जैसे सीक्रेट ऐप्स का इस्तेमाल करता था। अपनी लोकेशन छिपाने के लिए वह वीपीएन सर्विस का उपयोग कर रहा था। जांच में सामने आया है कि हारिश पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे आईएसआईएस संचालकों के सीधे संपर्क में था।
कॉलेज में हड़कंप, करीबियों को नहीं हुआ यकीन
हारिश की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही कॉलेज परिसर में सन्नाटा पसर गया है। उसे जानने वाले छात्रों का कहना है कि वह स्वभाव से बहुत शांत था और कभी किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल नहीं दिखा। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में हारिश के साथ और कौन-कौन से युवा शामिल हैं।
कानूनी कार्रवाई
एटीएस ने लखनऊ थाने में हारिश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की गंभीर धाराओं (18, 18बी और 38) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है ताकि भारत में सक्रिय अन्य स्लीपर सेल्स का पता लगाया जा सके।