Edited By Pooja Gill,Updated: 09 Mar, 2026 03:39 PM

औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है। जिले में 254 टीचरों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने...
औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर चर्चा में है। जिले में 254 टीचरों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में 254 शिक्षकों की डिग्री और प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच की तैयारी शुरू हो गई है।
पहले भी हो चुकी जांच
जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेश पर पूरे प्रदेश में बेसिक स्कूलों में नियुक्त सहायक शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच चल रही है। 2017 में भी एसआईटी ने औरैया में शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच की थी। उस समय की गई जांच के दौरान सात शिक्षकों की बीएड डिग्री फर्जी पाई गई थी और उनकी मार्कशीट में भी गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से हटा दिया गया था।
विभाग में मची हलचल
उसी जांच के दौरान 254 शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए थे, जिनकी अब फिर से गहन जांच होगी। अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है।
दिव्यांग प्रमाणपत्रों की भी होगी जांच
नई जांच प्रक्रिया में शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके साथ ही दिव्यांग प्रमाणपत्रों की भी जांच होगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी ने आरक्षण का गलत फायदा तो नहीं उठाया। विभाग को निर्देश दिया गया है कि सभी संदिग्ध शिक्षकों की विस्तृत सूची बनाकर शासन को भेजी जाए। इस सूची में शिक्षक का नाम, नियुक्ति की तारीख, संदिग्ध दस्तावेज का विवरण, प्रमाणपत्र जारी करने वाली संस्था और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा विवरण शामिल होगा। इस मामले में कुछ शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत या लापरवाही की भी जांच की जा सकती है। यदि जांच में गड़बड़ी साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।