...जब पिता आजम खान की तबीयत बिगड़ने की बात बताते मंच पर रो पड़े बेटे अब्दुल्ला

Edited By Tamanna Bhardwaj, Updated: 20 Jan, 2022 12:25 PM

हाल ही में जेल से रिहा हुए अब्दुल्लाह आजम ने रामपुर के समाजवादी पार्टी कार्यालय कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसी दौरान पिता आजम खान के साथ जेल में गुजारे गए 23 महीने का जिक्र भी किया। पिता की तबीयत...

रामपुर: हाल ही में जेल से रिहा हुए अब्दुल्लाह आजम ने रामपुर के समाजवादी पार्टी कार्यालय कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसी दौरान पिता आजम खान के साथ जेल में गुजारे गए 23 महीने का जिक्र भी किया। पिता की तबीयत खराब होने के समय आईसीयू के में भर्ती होने की बात सोच कर आंखों से आंसू भी छलक आए। अब्दुल्लाह आजम रूंद गले से इस सियासी लड़ाई को सीधे तौर पर सरकार से होना बताया, इसके अलावा वह अपने विरोधियों पर सियासी तीर छोड़ने से भी नहीं चुके।

अब्दुल्लाह आजम ने कहा कि जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। मुकाबला बहुत बड़े लोगों से है। मुकाबला बहुत बड़ी ताकत है और वह ताकत सिर्फ सियासत की ताकत नहीं होगी, वह दौलत की भी होगी, ज्यादती की भी होगी, नाइंसाफी की भी होगी, लेकिन उस ताकत का मुकाबला अपने मालिक पर यकीन रखते हुए और इत्मीनान के साथ उन तमाम मुश्किलात का सामना करना होगा और किसी भी मौके पर आजम खान साहब ने मुझे यह पैगाम दे कर भेजा था। जब तमाम लोग पूरे जिले के जब आए तो उन्हें सबसे पहले यह समझाएं कि मुखालिफ उनकी ताकत के सामने बहुत बड़ा है यह बात आप भी जानते हैं, यह वह जिला है एक रात में नारा लगा था वजीरे आजम बनाम आजम तब भी हम जीते थे।

अब्दुल्लाह आजम कहा कि मैं जेल में था और मैं अखबार में पढ़ता था कि पता नहीं कितने हजार करोड़ की संपत्ति का बंटवारा हो रहा है, चुनाव निप्ट जाए फिर एक तहरीक चलाएंगे दरखास करेंगे अदालत से यह जमीन ये जयदात खुद तो इन्होंने कमाई नहीं है, यह जमीन यह तमाम जायदाद पर हक इस मुल्क की आवाम का हैं और यह तमाम जायदाद सरकार के सुपुत्र होना चाहिए और इस पर कोई काम तालीम का अगर सरकार करना चाहिए तो करे गरीबों को मकान देना चाहे तो दे, लेकिन किसी ऐसे शख्स को इतनी बड़ी जायदाद नहीं मिलनी चाहिए जिसने माज़ी में भी उन लोगों का साथ दिया हो।

अब्दुल्लाह आजम ने आजम खान को लेकर कहा कि वो इंसान जिंदगी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है और वह आज भी मेरे और आपके खातिर अपनी जिंदगी की सियासत की इतनी उरोज के बावजूद 8 बाई 8 की कोठरी में अकेला बंद है। वो मेरे और आपके फैसले का इंतजार कर रहा है। आपकी लड़ाई बहुत बड़ी है। ना आपकी लड़ाई बहुजन समाज पार्टी से है ना आपकी लड़ाई कांग्रेस से हैं आपकी लड़ाई सरकार से आप का चुनाव सरकार से हैं और सरकार आप पर कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ये चुनाव में ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने कि यह तमाम लोग चुनाव इसलिए नहीं लड़ रहे हैं कि ये चुनाव खुद जीत जाए यह चुनाव सिर्फ इसलिए लड़ रहे हैं ताकि आपको चुनाव हराया जा सके।

पिता की तबीयत बिगड़ने को लेकर अब्दुल्लाह आजम ने बताया कि उस दौरान मैंने जिद करी कि मुझे तबीयत बताई जाए क्योंकि हम दोनों अलग-अलग कमरों में थे, वो आईसीयू में थे और मैं ऊपर था, इतनी फोर्स लगी हुई थी कि पता नहीं कौन आतंकवादी बंद हैं। तो जो डॉक्टर मुझे देख रहे थे, वही टीम उनका भी इलाज कर रही थी। तो मैंने बस उनसे इतना पूछा कि कैसी तबीयत है, तो उन्होंने मुझसे कहा कि जो हमसे बन पा रहा है हम सो कर रहे हैं बाकी ऊपरवाला मालिक है और जब उनको वहां से ले जाने लगे आईसीयू तो बेहोशी की हालत में थे, तो जाते वक्त 2 मिनट को आंख खुली और मुझसे कहा कि बेटे मुझे कुछ ऐसा हो गया कि मैं ठीक नहीं हो सकता। अब्दुल्ला ने भावुक होते हुए कहा कि अपने घर जा के मैंने दुआ की कि अल्लाह जेल तो  में काटी रहा हूं। मुझे कोई शिकायत नहीं है, बस तू मेरे वालिद को बचाले। अब्दुल्ला ने बताया कि बहुत बुरा दौर देखा है, बहुत सी रातें ऐसी आई जैसे आने वाला सवेरा अब देखने के काबिल नहीं बचेगा और जेल में ही मार दिए जाएंगे।

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