धार्मिक गुरुओं के अपमान से बिगड़ता सौहार्द: प्रयागराज घटना पर शिया मार्कजी चांद कमिटी का आया रिएक्शन

Edited By Ramkesh,Updated: 25 Jan, 2026 03:00 PM

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प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े घटनाक्रम को लेकर शिया मार्कज़ी चाँद कमिटी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कमिटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने इस पूरे मामले की निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय...

लखनऊ: प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े घटनाक्रम को लेकर शिया मार्कज़ी चाँद कमिटी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कमिटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने इस पूरे मामले की निंदा करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया है।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद देश के सम्मानित व्यक्तित्व हैं
मौलाना सैफ अब्बास ने अपने बयान में कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद देश के सम्मानित और प्रतिष्ठित धार्मिक व्यक्तित्व हैं। उनके साथ जिस तरह का व्यवहार सामने आया है, वह न केवल दुखद है बल्कि इससे धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के धार्मिक गुरु के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।

धार्मिक आयोजनों में सभी धर्मगुरुओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा करना  प्रशासन की जिम्मेदारी
शिया मार्कज़ी चांद कमिटी के अध्यक्ष ने कहा कि भारत विविध धर्मों और संस्कृतियों का देश है, जहां आपसी सम्मान और सौहार्द की परंपरा रही है। ऐसे में धार्मिक नेताओं के साथ अपमानजनक रवैया सामाजिक एकता को कमजोर करता है और आपसी भाईचारे के खिलाफ जाता है। मौलाना सैफ अब्बास ने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा हो और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में सभी धर्मगुरुओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अंत में अपील की कि समाज में शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान बनाए रखने के लिए सभी पक्ष संयम और समझदारी से काम लें, ताकि किसी भी वर्ग या समुदाय की भावनाएं आहत न हों।

गौरतलब है कि त्रिवेणी मार्ग उत्तरी पटरी पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का शिविर स्थित है,मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर पालकी के साथ स्नान के लिए जाने से रोकने पर विवाद हुआ था,इसके बाद से ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं,आज शिविर के बाहर बैठने का सातवां दिन है। फिलहाल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इस घटना के बाद पालकी से उतरकर वैनिटी वैन में चले गए हैं।वही इस मामले को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगी राज सरकार ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। यह भी आरोप लगाया है कि यूपी सरकार मामले में कुछ नहीं कर रही है।

 

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