Fake Passport: एक ही मोबाइल नंबर पर बने 22 लोगों के पासपोर्ट, सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप

Edited By Ramkesh,Updated: 01 Feb, 2026 06:32 PM

passports for 22 people were issued using a single mobile number with allegatio

जिले में फर्जी पासपोर्ट बनाने का मामला सामने आया है। एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर के आधार पर 22 लोगों के पासपोर्ट बनवा लिए गए। जानकारी होने पर पुलिस और पासपोर्ट विभाग ने इसकी जांच शुरू की।

गाजियाबाद: जिले में फर्जी पासपोर्ट बनाने का मामला सामने आया है। एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर के आधार पर 22 लोगों के पासपोर्ट बनवा लिए गए। जानकारी होने पर पुलिस और पासपोर्ट विभाग ने इसकी जांच शुरू की।

दरअसल, भोजपुर थाने में 22 लोगों के नाम पर पासपोर्ट बने, वे भोजपुर के बताए गए पते पर रहते ही नहीं थे। इसके बावजूद सभी पासपोर्ट एक ही पते पर जारी कर दिए गए। इतना ही नहीं, सभी आवेदनों में मोबाइल नंबर भी एक ही दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस भी हरकत में आ गई।  इसके बाद 22 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच में सबसे पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी पासपोर्ट अगस्त और सितंबर 2022 के दौरान बनाए गए थे। अधिकारियों को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जिसमें सरकारी सिस्टम की मिलीभगत भी हो सकती है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई
अमनप्रीत कौर, जसनप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघना राणा, राजकुमारी, दलजीत सिंह, महिंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरनजीत कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमेहर कौर, पोस्टमैन अरुण कुमार, विवेक गांधी, प्रकाश शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की धारा 61 (2), 318 (4), 338, 336 (3), 340 (2) और आईटी एक्ट 66 में केस दर्ज किया गया है।

पोस्टमैन से 2 हजार रुपए में डील हुई
पुलिस ने बताया कि इस मामले में भोजपुर डाकघर के डाकिए अरुण कुमार से जानकारी मांगी। जिसमें पोस्टमैन अरुण कुमार ने कहा- मैं भोजपुर में 12 साल से तैनात हूं। भोजपुर गांव की डाक मैं ही बांटता हूं। 5 महीने पहले विवेक गांधी व प्रकाश सुब्बा नाम के 2 लोग मुझे मिले थे। उन्होंने हमें बताया कि हमारे कुछ पासपोर्ट बनकर आएंगे। उन पासपोर्ट को जो पता लिखा आए उन पर मत भेजना। हम दोनों को दे देना। प्रत्येक पासपोर्ट के हम 2-2 हजार रुपए देंगे। पोस्टमैन इस लालच में आ गया।

कूटरचित कागज का प्रयोग हुआ
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन पासपोर्ट सत्यापन के लिए ऑनलाइन पासपोर्ट टैब र आते हैं। जिसकी जांच कर टैब पर ही लाइन लाइन रिपोर्ट प्रेषित की जाती है।तीनों लोगों के द्वारा पासपोर्ट आवेदन करने वाले कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर सूची में अंकित 22 पासपोर्ट आवेदनों के साथ संगन कागज कूटरचित तरह से तैयार करके प्रयोग किए गए हैं। इन दस्तावेजों के प्रयोग करने के आधार पर यह सभी पास्पोट आवेदनकर्ताओं के पासपोर्ट जारी हुए।

इन नामों के महिला और पुरुष ही नहीं मिले
11 दिसंबर 2025 को कुल 24 पासपोर्ट का एक ही पता दर्शाया गया है, मोबाइल नंबर के आधार पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार हुए। 20 दिसंबर को गाजियाबाद पुलिस ने इनकी जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि पासपोर्ट आवेदन करने वाले जो पता गांव भोजपुर का दर्शाया गया है, यह पता ही नहीं मिला। जो पता 22 पासपोर्ट में दर्शाया गया है, पुलिस की जांच में उस पते पर निवास नहीं पाया गया।

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