सावधान! आपकी रातों की नींद छीन रहा है मोबाइल, जिले में तेजी से बढ़े इस बीमारी के मरीज; डॉक्टर ने दी ये बड़ी चेतावनी

Edited By Anil Kapoor,Updated: 24 Feb, 2026 02:31 PM

agra news if you also use your mobile till late night then be careful

Agra News: ताजनगरी में इन दिनों एक नई और खतरनाक बीमारी पैर पसार रही है—इनसोम्निया यानी अनिद्रा। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आगरा में नींद ना आने की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि अगर समय रहते...

Agra News: ताजनगरी में इन दिनों एक नई और खतरनाक बीमारी पैर पसार रही है—इनसोम्निया यानी अनिद्रा। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आगरा में नींद ना आने की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि अगर समय रहते अपनी आदतों को नहीं बदला गया, तो यह बीमारी शरीर को पूरी तरह खोखला कर सकती है।

क्या है इनसोम्निया और क्यों है खतरनाक?
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि इनसोम्निया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को देर रात तक नींद नहीं आती। लोग रात में नींद ना आने पर मोबाइल का इस्तेमाल करने लगते हैं। मोबाइल की नीली रोशनी दिमाग को सोने नहीं देती, जिससे यह समस्या एक गंभीर बीमारी में बदल जाती है। अंधेरे में घंटों फोन चलाने से ना केवल नींद गायब होती है, बल्कि आंखों की रोशनी पर भी गहरा बुरा असर पड़ता है।

चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन का शिकार
डॉ. मित्तल के अनुसार, नींद पूरी ना होने के कारण मरीज धीरे-धीरे चिड़चिड़ेपन का शिकार होने लगता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने से व्यक्ति डिप्रेशन (अवसाद) और अन्य मानसिक रोगों की चपेट में आ सकता है। अच्छी नींद ना लेना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कम कर देता है।

घर पर रहकर ऐसे करें बचाव: डॉक्टर की खास टिप्स
चिकित्सकों का कहना है कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। सोते समय मोबाइल को खुद से बिल्कुल दूर कर दें। सोने से पहले कमरे की लाइट बंद कर दें और यदि संभव हो तो बहुत धीमा और सुकून देने वाला संगीत सुनें। रात का भोजन समय पर करें और खाने के बाद थोड़ी देर पैदल जरूर टहलें। सुबह जल्दी उठकर व्यायाम या वॉक करने से शरीर दिनभर चुस्त रहता है और रात में प्राकृतिक रूप से नींद आती है।

डॉक्टर की सलाह
डॉ. आशीष मित्तल ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या गंभीर हो जाए, तो इसे नजरअंदाज ना करें। खुद से दवाइयां लेने के बजाय तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको गंभीर मानसिक रोग का शिकार बना सकती है।

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