Edited By Ramkesh,Updated: 01 Jun, 2023 07:47 PM

CM Yogi
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के नये भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वाभाविक रूप से बड़े क्षेत्रफल का राज्य होने के चलते चुनौती भी बड़ी है।...
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के नये भवन की आधारशिला रखी। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वाभाविक रूप से बड़े क्षेत्रफल का राज्य होने के चलते चुनौती भी बड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘पहले उत्तर प्रदेश में 40 जिले बाढ़ प्रभावित माने जाते थे, लेकिन आज हमने इस खतरे को 4-5 जिलों में समेटने का काम किया है। आज अगर कहीं आपदा आती है तो लोगों को यह विश्वास रहता है कि सरकार की ओर से राहत भी आ रही होगी।'' डेढ़ एकड़ क्षेत्र में 66.40 करोड़ रुपये की लागत से इस भव्य पांच मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने राज्य में प्रौद्योगिकी के जरिए आपदा प्रबंधन और जन जागरूकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ प्रकार के जलवायु क्षेत्र (क्लाइमेटिक जोन) हैं तथा यहां आपदा की आशंका हमेशा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि यहां हिमालय से आने वाली नदियों के कारण बाढ़ का खतरा जुलाई से अक्टूबर तक बना रहता है जबकि विंध्य और बुंदेलखंड में आकाशीय बिजली का खतरा है तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश भूकंप के अति संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। उनका कहना था कि नेपाल से सटा तराई का क्षेत्र मानव और वन्यजीव द्वंद के कारण जाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जहां आपदा से निपटने के लिए बहुत सी श्रेणियों को आपदा प्रबंधन के दायरे में लाकर राहत देने का कार्य किया गया है और उनमें मानव वन्यजीव संघर्ष भी एक है। योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर यूपी राज्य आपदा प्रबंधन योजना 2023 और बाढ़ कार्य योजना 2023 पर दो पुस्तकों का विमोचन किया और अपरिहार्य जनहानि को शून्य करने के उद्देश्य से भूकंप, सर्पदंश और वज्रपात पर जनजागरूकता के लिए तीन लघु फिल्में और रेडियो जिंगल पेश किया। मुख्यमंत्री ने जान जोखिम में डालकर जनता की रक्षा करने वाले एनडीआरएफ के विनय कुमार, जितेन्द्र सिंह यादव, अखिलेश कुमार सिंह, पुष्पेन्द्र और मनीष कुमार को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।