Mahashivratri 2026: इस बार बाबा विश्वनाथ धारण करेंगे कान्हा की भूमि से भेजे वस्त्र एवं श्रृंगार, रुद्राक्ष और मेवों से बना सेहरा पहनेंगे

Edited By Purnima Singh,Updated: 14 Feb, 2026 01:08 PM

baba vishwanath will wear clothes and ornaments sent from the land of krishna

महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ एवं माता पार्वती कान्हा की भूमि से भेजे गए वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री प्रतीकात्मक रूप से धारण करेंगे तथा फलों एवं मिठाई का भोग लगाएंगे। यह जानकारी श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं सदस्य...

मथुरा : महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ एवं माता पार्वती कान्हा की भूमि से भेजे गए वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री प्रतीकात्मक रूप से धारण करेंगे तथा फलों एवं मिठाई का भोग लगाएंगे। यह जानकारी श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने सोमवार को यहां दी। उन्होंने बताया कि रविवार को मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान से भगवान शिव एवं मां गौरी के वस्त्र, मां का श्रृंगार, आभूषण, इत्र इत्यादि तथा लड्डू, मेवे एवं फल भोग लगाने के लिए भेजे गए। 

उन्होंने बताया कि यह सब सामग्री रविवार को ढोल, मृदंग, मंजीरे, बैंड-बाजा आदि की मंगल ध्वनि के बीच शोभायात्रा के रूप में अन्नपूर्णेश्वर महादेव से प्रारंभ होकर भगवान श्रीकेशवदेवजी, मां योगमायाजी, श्रीगर्भ-गृहजी होते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुख्य द्वार से बाबा विश्वनाथ के धाम वाराणसी के लिए रवाना की गई थी, जो वहां पर सकुशल पहुंच चुकी है। शर्मा एवं चतुर्वेदी ने बताया कि यह दिव्य प्रसाद सामग्री भेजने का नवाचार काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण के परामर्श से धार्मिक समन्वय की पहल के रूप में किया जा रहा है तथा इसे महाशिवरात्रि के पर्व पर बाबा विश्वनाथ और माता पार्वती को भेंट किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ धाम के बीच यह धार्मिक समन्वय भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव के करोड़ों भक्तों को आध्यात्मिक आनंद प्रदान करेगा। शर्मा एवं चतुर्वेदी ने कहा कि शास्त्रों और पुराणों में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है, यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक है तथा ऐसी मान्यता है कि इसी रात्रि में शिवलिंग का प्रादुर्भाव भी हुआ। संस्थान की प्रबंध समिति के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि भगवान शिव जिस (मथुरा) पुरी में बाबा भूतेश्वरनाथ के नाम से कोतवाल के रूप में विराजमान हैं, ऐसे ब्रज की पवित्र भूमि श्रीकृष्ण जन्मस्थान से शिवरात्रि महोत्सव के लिए प्रेषित प्रसाद श्रद्धालुओं को आनंदित एवं प्रफुल्लित करेगा। 

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