Edited By Ramkesh,Updated: 11 Feb, 2026 03:57 PM

उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जिसमें इस वर्ष संभावित पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज की योजनाओं के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक धनराशि प्रस्तावित की गई है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जिसमें इस वर्ष संभावित पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए पंचायती राज की योजनाओं के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक धनराशि प्रस्तावित की गई है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में बजट भाषण में कहा कि पंचायती राज की योजनाओं के लिए लगभग 32,090 करोड़ रुपये प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक है। राजनीतिक जानकारों ने कहा कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव को राजनीतिक दल पूर्वाभ्यास के तौर पर ले सकते हैं, इसलिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने इस विभाग को विशेष महत्व दिया है।
हालांकि पंचायत चुनाव की अभी तक कोई तिथि तय नहीं है, लेकिन पंचायत राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पिछले दिनों दावा किया कि पंचायत चुनाव समय पर होंगे। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वितीय चरण के लिए 2823 करोड़ रुपये, ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी के लिए 454 करोड़ रुपये, ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपन जिम के लिए 130 करोड़ रुपये, ग्राम पंचायतों के 1000 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 57 करोड़ रुपये, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन, बारात घर निर्माण योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में किया गया।