सीक्रेट मिशन पर पूर्व CBI चीफ! शंकराचार्य से बंद कमरे में हुई 25 मिनट की मुलाकात; क्या माघ मेले के हंगामे के पीछे थी कोई बड़ी साजिश?

Edited By Anil Kapoor,Updated: 25 Feb, 2026 09:28 AM

former cbi chief met swami avimukteshwarananda held a closed door meeting

Varanasi News: प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुए हंगामे और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोके जाने के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। सीबीआई (CBI) के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव मंगलवार को अचानक वाराणसी स्थित...

Varanasi News: प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुए हंगामे और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोके जाने के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। सीबीआई (CBI) के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव मंगलवार को अचानक वाराणसी स्थित श्री विद्या मठ पहुंचे। जहां उन्होंने शंकराचार्य से करीब 25 मिनट तक गुप्त मंत्रणा की। शुरुआत में इसे एक सामान्य शिष्टाचार भेंट माना जा रहा था, लेकिन अब इस मुलाकात के पीछे की बड़ी वजह सामने आई है।

रिटायर्ड दिग्गजों की टीम करेगी दूध का दूध और पानी का पानी
सूत्रों के मुताबिक, एम. नागेश्वर राव अकेले नहीं बल्कि देश के कई सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों और वरिष्ठ पत्रकारों की एक सिविल सोसाइटी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। यह टीम प्रयागराज विवाद की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कर रही है। नागेश्वर राव ने शंकराचार्य से उस दिन के घटनाक्रम की बारीकियों पर लंबी चर्चा की, ताकि विवाद की असली जड़ तक पहुंचा जा सके।

इन 3 बिंदुओं पर टिकी है जांच की सुई:-
पूर्व सीबीआई चीफ की टीम मुख्य रूप से इन पहलुओं को खंगाल रही है। 18 जनवरी 2026 को शंकराचार्य की परंपरागत पालकी यात्रा को आखिर किस आधार पर रोका गया? क्या पुलिस और प्रशासन का व्यवहार नियम सम्मत था या जानबूझकर टकराव की स्थिति पैदा की गई? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज एफआईआर (FIR) और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोपों के पीछे के तथ्यों की भी निष्पक्ष पड़ताल की जा रही है।

प्रशासन से मांगा गया जवाब
जांच टीम केवल बयानों तक सीमित नहीं है। एम. नागेश्वर राव की टीम ने प्रयागराज प्रशासन से पालकी यात्रा की अनुमति से जुड़े दस्तावेज, स्वामी जी को जारी किए गए नोटिस और अन्य आधिकारिक कागजात मांगे हैं। इसके अलावा, टीम उस दिन मौके पर तैनात पुलिस अफसरों और प्रत्यक्षदर्शी पत्रकारों से भी पूछताछ की तैयारी में है।

क्यों अहम है यह जांच?
एक अनुभवी पूर्व नौकरशाह (Bureaucrat) द्वारा की जा रही यह जांच रिपोर्ट जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी। इसका उद्देश्य आम जनता के सामने उस सच को लाना है, जो अब तक फाइलों या आरोपों के पीछे छिपा हुआ है। एम. नागेश्वर राव का इस मामले में उतरना यह संकेत देता है कि माघ मेला विवाद अब केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक गंभीर प्रशासनिक और कानूनी जांच का विषय बन चुका है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!