Edited By Pooja Gill,Updated: 27 Feb, 2026 01:00 PM

मथुरा: ब्रज में होली का खुमार अब अपने चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार को रंगभरनी एकादशी के पावन अवसर पर कान्हा की नगरी वृंदावन में आस्था का ऐसा सैलाव उमड़ा कि गलियां...
मथुरा: ब्रज में होली का खुमार अब अपने चरम पर पहुंच गया है। शुक्रवार को रंगभरनी एकादशी के पावन अवसर पर कान्हा की नगरी वृंदावन में आस्था का ऐसा सैलाव उमड़ा कि गलियां छोटी पड़ गईं। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुबह से ही लाखों भक्तों की भारी भीड़ जुटी है। मान्यता है कि इसी दिन से ठाकुर जी विधिवत रूप से अपने भक्तों के साथ होली खेलना शुरू करते हैं।
जयकारों से गूंजा बांके बिहारी मंदिर
बांके बिहारी मंदिर के पट खुलते ही पूरा परिसर ‘बांके बिहारी लाल की जय' के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर के सेवायत गोस्वामी समाज द्वारा ठाकुर जी की ओर से भक्तों पर जमकर अबीर-गुलाल और फूलों की वर्षा की गई। भक्त अपने आराध्य के रंग में सराबोर होने के लिए बेताब दिखे। क्या बच्चे, क्या बूढ़े और क्या विदेशी मेहमान-हर कोई बस बांके बिहारी की एक झलक पाने और उनके हाथों से बरसने वाले रंग को अपने माथे पर लगाने के लिए लालायित दिखा।

श्रद्धालुओं के लिए रेलिंग के माध्यम से दर्शन की व्यवस्था
भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर के अंदर और बाहर श्रद्धालुओं के लिए रेलिंग के माध्यम से दर्शन की व्यवस्था की गई है, ताकि कतारबद्ध होकर लोग सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी जा रही है।
भक्तों से होली खेलते है ठाकुर जी
मंदिर के गोस्वामी ने कहा 'आज रंगभरनी एकादशी है और आज से ही ठाकुर जी भक्तों के साथ होली खेलने के लिए गर्भगृह से जगमोहन में विराजमान होते हैं। ठाकुर जी को विशेष केसरिया रंग और फूलों से तैयार रंग अर्पित किया गया है। भक्तों के बीच भारी उत्साह है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुगम दर्शन की व्यवस्था की गई है।' वृंदावन के मुख्य रास्तों पर भारी भीड़ है, इसलिए पैदल मार्ग का उपयोग करें।मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वारों का पालन करें। गर्मी और भीड़ को देखते हुए साथ में पानी की बोतल जरूर रखें।