बुझ गया घर का इकलौता चिराग! वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से छात्र की मौत, बेटे का शव देख बेसुध हुई मां

Edited By Ramkesh,Updated: 09 Feb, 2026 02:48 PM

the only light of the family has been extinguished a student dies after being

जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने सभी को झकझोर दिया है। दरअसल, मेरठ–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से रविवार को निगोही थाना क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव निवासी 16 वर्षीय अंकित चौहान की मौत हो गई। वह सरदार पटेल हिंदू इंटर कॉलेज...

शाहजहांपुर: जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने सभी को झकझोर दिया है। दरअसल, मेरठ–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से रविवार को निगोही थाना क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव निवासी 16 वर्षीय अंकित चौहान की मौत हो गई। वह सरदार पटेल हिंदू इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र था। घटना के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में उपचार में लापरवाही के आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

रील बनाने के दौरान हुआ हादसा
पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा रील बनाने के दौरान हुआ है, हालांकि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। वहीं मृतक के पिता विमलेश चौहान ने आरोप लगाया कि ट्रेन की चपेट में आने के बाद भी अंकित जीवित था, लेकिन डॉक्टरों ने उसका समुचित इलाज नहीं किया और उसे सीधे मोर्चरी भेज दिया गया।

 परिजनों का आरोप- ट्रॉमा सेंटर में नहीं मिला इलाज
परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उपचार मिलता तो अंकित की जान बचाई जा सकती थी। नाराज परिजनों ने ट्रॉमा सेंटर में हंगामा किया, इस दौरान तोड़फोड़ भी हुई और डॉक्टरों व स्टाफ के साथ अभद्रता का आरोप लगा है। हंगामे के दौरान मरीजों और तीमारदारों में भगदड़ मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए गैलरी, शौचालय और दवा स्टोर में छिप गए। ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉ. मेराज आलम ने बताया कि पुलिस अंकित को मृत अवस्था में लेकर आई थी। करीब एक घंटे बाद परिजन पहुंचे और अंकित के जिंदा होने का दावा करते हुए दोबारा ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। हंगामे के दौरान एक जूनियर महिला डॉक्टर, जिनका ड्यूटी का पहला दिन था, घबराकर चली गईं।

परिजनों की मांग-  घटना की निष्पक्ष हो जांच 
परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक के चचेरे भाई दिनेश सिंह ने आरोप लगाया कि हंगामे के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी उंगलियों में चोट आई है। परिवार का यह भी कहना है कि पुलिस द्वारा रील बनाने की बात कही जा रही है, जबकि यह तथ्य सही नहीं है।

 इकलौते बेटे का शव देख मां हुई बेसुध 
अंकित की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इकलौते बेटे का शव देख मां सोनी देवी बेसुध हो गईं। पिता खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। अंकित कॉमर्स का छात्र था और 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग जा रहा था। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में मारपीट और तोड़फोड़ की घटना को लेकर चौक कोतवाली पुलिस को तहरीर दी जा रही है। ईएमओ की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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