“फर्जी केस की सच्चाई आएगी सामने…” अदालत के आदेश पर बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

Edited By Ramkesh,Updated: 21 Feb, 2026 07:36 PM

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प्रयागराज की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बटुकों के साथ यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए झूंसी पुलिस थाने के प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का शनिवार को आदेश दिया। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने...

प्रयागराज: प्रयागराज की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बटुकों के साथ यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए झूंसी पुलिस थाने के प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का शनिवार को आदेश दिया। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दायर किया गया मामला पूरी तरह फर्जी है और इसकी सच्चाई जल्द सामने आएगी।

 

मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने न्यायालय से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं, वे टिक नहीं पाएंगे। उनका कहना है कि “फर्जी केस बनाया गया है, वह फर्जी ही सिद्ध होगा। हम चाहते हैं कि न्यायालय तेजी से काम करे और जल्द फैसला सामने आए। उन्होंने आरोप लगाने वाले व्यक्ति पर भी सवाल उठाए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति स्वयं हिस्ट्रीशीटर है और उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उगाही करना उसका काम रहा है और अब वही व्यक्ति संत समाज का नाम लेकर उन पर आरोप लगा रहा है।

गौमाता के मुद्दे पर उनकी आवाज दबाने का प्रयास 
इस दौरान उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य का भी जिक्र किया और कहा कि आरोप किस ओर से आ रहे हैं, यह सबको पता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि गौमाता के मुद्दे पर उनकी आवाज उठाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। मामले को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल सभी की नजर न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

झूंसी पुलिस थाने में दर्ज करेगी केस 
गौरतलब है कि प्रयागराज की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बटुकों के साथ यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए झूंसी पुलिस थाने के प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का शनिवार को आदेश दिया। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज और अन्य द्वारा बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत दाखिल आवेदन पर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने पिछले सप्ताह साक्ष्यों को देखने और पीड़ित बटुकों का बयान दर्ज करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इन धाराओं में होगा केस 
याचिकाकर्ता ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बीएनएस की धारा 69, 74, 75, 76, 79 और 109 के साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/5/9 और 17 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का आग्रह करते हुए यह आवेदन दाखिल किया था। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए झूंसी के थाना प्रभारी को तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने और कानून के मुताबिक मामले की जांच करने का आदेश दिया। यह जांच पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन करते हुए की जाएगी।

बच्चों से यौन शोषण का आरोप
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा, ''न्यायपालिका ने बच्चों के साथ हुए गलत कृत्यों के मामले की सुनवाई करते हुए झूंसी थाने को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। अब हमें न्याय मिलेगा।'' उन्होंने कहा, "आज से हम यहां से विद्या मठ (वाराणसी) के लिए सनातन यात्रा निकाल कर रहे हैं। हम दिखाएंगे कि विद्या मठ के पंचम तल पर किस तरह से बच्चों का यौन शोषण किया जाता है। बच्चों के साथ दुष्कर्म के बहुत सारे साक्ष्य वहां मौजूद हैं।

ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्होंने सभी साक्ष्य अदालत में पेश किए हैं और पुलिस को भी वह साक्ष्य उपलब्ध कराएंगे। उल्लेखनीय है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज के माघ मेला 2026 में मेला प्रशासन से टकराव को लेकर सुर्खियों में बने रहे। उन्होंने मेला प्रशासन पर मौनी अमावस्या का स्नान नहीं करने देने का आरोप लगाया था। 

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