Edited By Anil Kapoor,Updated: 02 Apr, 2026 01:39 PM

Kanpur News: शहर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस की जांच अब उन सफेदपोश डॉक्टरों पर टिक गई है, जो इस काले कारोबार के असली खिलाड़ी हैं। पुलिस उन सर्जनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जिन्होंने आयुष और...
Kanpur News: शहर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस की जांच अब उन सफेदपोश डॉक्टरों पर टिक गई है, जो इस काले कारोबार के असली खिलाड़ी हैं। पुलिस उन सर्जनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जिन्होंने आयुष और पारुल नाम के मरीजों का अवैध ऑपरेशन किया था।
टैक्सी की पेमेंट और CCTV का खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार रोहित था। रोहित ही डॉक्टरों के रुकने और उनके आने-जाने का इंतजाम करता था।
अहम सुराग
ऑपरेशन के बाद डॉक्टर दो अलग-अलग टैक्सियों से रवाना हुए थे। एक टैक्सी गाजियाबाद गई और दूसरी लखनऊ। लखनऊ जाने वाली गाड़ी का भुगतान ऑनलाइन (Digital Payment) किया गया था, जिससे पुलिस को डॉक्टरों तक पहुंचने का एक ठोस जरिया मिल गया है। हालांकि, गाजियाबाद जाने वाली टैक्सी का पेमेंट कैश में किया गया था।
साजिश का तरीका
आहूजा अस्पताल में होने वाले इन ऑपरेशनों के दौरान सुरक्षा के तमाम नियमों को ताक पर रख दिया जाता था। टैक्सी ड्राइवर के बयान के मुताबिक, डॉक्टर हमेशा चेहरे पर मास्क लगाए रहते थे ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। चौंकाने वाली बात यह है कि सर्जरी शुरू होने से ठीक पहले अस्पताल के CCTV कैमरे भी बंद कर दिए जाते थे।
नामी अस्पतालों से जुड़े हो सकते हैं तार
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें मेरठ, नोएडा और देहरादून में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह में शामिल डॉक्टर किसी बड़े और प्रतिष्ठित अस्पताल से जुड़े हो सकते हैं, जो चंद रुपयों के लालच में इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे।
देश छोड़ने पर पाबंदी: लुकआउट नोटिस जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। आरोपी डॉक्टरों— डॉ. अफजाल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग (उर्फ डॉ. अमित) के खिलाफ लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी कर दिया गया है। पुलिस को अंदेशा है कि ये आरोपी विदेश भागने की फिराक में हैं। इसलिए एयरपोर्ट्स को अलर्ट करने के साथ-साथ उनके बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन पर भी नजर रखी जा रही है।
मुख्य आरोपी रोहित की तलाश जारी
फिलहाल इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी रोहित अभी फरार है। पुलिस का मानना है कि रोहित की गिरफ्तारी के बाद ही उन बड़े नामों का खुलासा हो सकेगा जो इस सिंडिकेट को पीछे से चला रहे हैं। यदि इन डॉक्टरों का लिंक किसी बड़े अस्पताल से साबित होता है, तो चिकित्सा जगत में एक बड़ा हड़कंप मचना तय है।