Edited By Purnima Singh,Updated: 31 Mar, 2026 04:55 PM

बाराबंकी जिले की सियासत के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री संग्राम सिंह वर्मा मंगलवार सुबह अपने पैतृक गांव जर्मापुर (हरख ब्लॉक) में पंचतत्व में विलीन हो गए। सोमवार को लखनऊ के शेखर अस्पताल में दोपहर करीब 3 बजे उनके निधन के बाद मंगलवार को पूरे...
Barabanki News : बाराबंकी जिले की सियासत के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री संग्राम सिंह वर्मा मंगलवार सुबह अपने पैतृक गांव जर्मापुर (हरख ब्लॉक) में पंचतत्व में विलीन हो गए। सोमवार को लखनऊ के शेखर अस्पताल में दोपहर करीब 3 बजे उनके निधन के बाद मंगलवार को पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम यात्रा में उमड़ी हजारों की भीड़
अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांव की सड़कों से लेकर श्मशान स्थल तक हजारों की भीड़ उमड़ी रही। परिवार के सदस्यों, समर्थकों और क्षेत्रवासियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी पुत्री रश्मि उर्फ पिंकी के पुत्र अरनव देव ने अपने नाना को मुखाग्नि दी। इस दौरान उनके छोटे भाई सुरेंद्र सिंह वर्मा समेत पूरा परिवार मौजूद रहा।
पूर्वजों के मंदिर के पास हुआ अंतिम संस्कार
जर्मापुर गांव में सड़क किनारे स्थित उनके पूर्वजों के मंदिर के पास ही अंतिम संस्कार किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के चलते इलाके में जाम की स्थिति बनी रही।
अंतिम दर्शन को आए ये बड़े नेता
अंतिम दर्शन के लिए प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, कांग्रेस पूर्व सांसद डॉ. पीएल पुनिया, एमएलसी राजेश यादव, विधायक धर्मराज यादव, विधायक दिनेश रावत, एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत समेत विभिन्न दलों के कई नेता और जनप्रतिनिधि पहुंचे।
'यूपी की राजनीति को अपूरणीय क्षति'
श्रद्धांजलि देते हुए नेताओं ने संग्राम सिंह वर्मा को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा करने वाला नेता बताया। कहा कि उनके निधन से बाराबंकी ही नहीं, प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहे संग्राम सिंह वर्मा बाराबंकी सदर से कई बार विधायक चुने गए और मंत्री रहते हुए उन्होंने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से जिले में शोक की लहर बनी हुई है और लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं।