Edited By Anil Kapoor,Updated: 01 Apr, 2026 07:17 PM

Sitapur News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ योगी सरकार का कड़ा रुख जारी है। लहरपुर तहसील प्रशासन ने नयागांव बेहटी में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी अवैध मस्जिद को जमींदोज करने के बाद अब उसके मुतवल्ली (प्रबंधक) पर बड़ी कार्रवाई...
Sitapur News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में अवैध निर्माण के खिलाफ योगी सरकार का कड़ा रुख जारी है। लहरपुर तहसील प्रशासन ने नयागांव बेहटी में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी अवैध मस्जिद को जमींदोज करने के बाद अब उसके मुतवल्ली (प्रबंधक) पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने मस्जिद गिराने में आए खर्च और अवैध कब्जे के एवज में 39 लाख 55 हजार रुपए का भारी-भरकम जुर्माना ठोंक दिया है।
6 JCB और भारी पुलिस बल के साथ हुई कार्रवाई
बताते चलें कि 2 दिन पहले लहरपुर तहसील प्रशासन ने नयागांव बेहटी इलाके में सुबह 6 बजे से ही मोर्चा संभाल लिया था। अवैध ढांचे को गिराने के लिए 6 जेसीबी मशीनें और भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था। यह कार्रवाई तहसीलदार मनीष त्रिपाठी की अदालत द्वारा पारित आदेश के बाद की गई। मामला काफी समय से तहसीलदार न्यायालय में चल रहा था, जहाँ जमीन को कब्रिस्तान की संपत्ति मानकर उस पर बने निर्माण को अवैध घोषित किया गया था।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
मस्जिद के पैरोकारों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था। तहसीलदार के आदेश के खिलाफ पहले जिलाधिकारी की अदालत में अपील की गई, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिली। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक भी पहुँचा, लेकिन उच्च न्यायालय ने भी तहसीलदार न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा और दखल देने से इनकार कर दिया।
मुतवल्ली को चुकाना होगा गिराने का खर्च
सोमवार को हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने इसकी वसूली की तैयारी कर ली है। तहसीलदार मनीष त्रिपाठी ने मस्जिद सैय्यद हजरत उमर फारूक के मुतवल्ली आलम पर ₹39,55,000 का जुर्माना लगाया है। यह राशि अवैध कब्जे की क्षतिपूर्ति और प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण में किए गए खर्च (मशीनों और फोर्स का व्यय) के रूप में वसूली जाएगी। मुतवल्ली को यह पूरी रकम जमा करने के लिए मात्र एक महीने का समय दिया गया है। समय पर भुगतान न होने की स्थिति में प्रशासन आगे की वैधानिक कुर्की की कार्रवाई कर सकता है।
इलाके में भारी सुरक्षा
इस कार्रवाई के बाद से इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी या कब्रिस्तान की जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।