Edited By Anil Kapoor,Updated: 27 Mar, 2026 09:00 AM

Gorakhpur News: तांबा और ईधन की किल्लत की अफवाहों ने मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में भी पैर पसार लिए हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि पेट्रोल पंपों पर अब लोग खून-खराबे पर उतारू हैं। ताजा मामला गोरखनाथ थाना क्षेत्र की नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर...
Gorakhpur News: तांबा और ईधन की किल्लत की अफवाहों ने मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में भी पैर पसार लिए हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि पेट्रोल पंपों पर अब लोग खून-खराबे पर उतारू हैं। ताजा मामला गोरखनाथ थाना क्षेत्र की नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर कॉलोनी का है, जहां बीती रात पेट्रोल भरवाने को लेकर कतार में खड़े लोगों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस फ्यूल वॉर का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कतार में शुरू हुई कहासुनी और फिर बरसने लगे घूंसे
घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। चश्मदीदों के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के लिए लंबी लाइन लगी थी। इसी दौरान आगे-पीछे होने को लेकर दो पक्षों में विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि लोग एक-दूसरे पर पिल पड़े और लात-घूंसे चलने लगे। मौके पर मौजूद अन्य लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि कुछ ने बीच-बचाव की कोशिश की। हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी गहमागहमी के बावजूद मौके पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आए।
क्यों मची है तेल लूटने की होड़?
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की खबरों ने स्थानीय बाजार में घबराहट पैदा कर दी है। गोरखपुर के लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू सकते हैं या सप्लाई बंद हो सकती है। इसी डर और अफवाह के चलते लोग जरूरत से ज्यादा फ्यूल स्टॉक करने के लिए पंपों पर टूट पड़े हैं, जिससे अव्यवस्था फैल रही है।
'तेल की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें'
बढ़ते तनाव और मारपीट की घटनाओं के बीच जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाला है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि जनपद में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। किसी भी तरह की कटौती नहीं की गई है और न ही भविष्य में ऐसी कोई संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, हर पंप पर 2 से 3 दिन का बैकअप रहता है और नियमित रिफिलिंग हो रही है।
संयम बरतने की अपील
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे पैनिक में आकर अनावश्यक रूप से फ्यूल स्टॉक न करें। अचानक बढ़ी भारी मांग की वजह से अस्थायी रूप से नोजल पर दबाव बढ़ रहा है, जिसे लोग किल्लत समझ रहे हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।