Edited By Purnima Singh,Updated: 30 Mar, 2026 05:50 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों, खासतौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि 2017 से पहले राज्य में पोषाहार वितरण का ठेका ''एक बड़े माफिया' के हाथों में था ...
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों, खासतौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि 2017 से पहले राज्य में पोषाहार वितरण का ठेका ''एक बड़े माफिया' के हाथों में था। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ''क्या यह उपलब्धि 2017 से पहले संभव थी? (खुद जवाब देते हुए) नहीं, क्योंकि उस समय पोषाहार वितरण का ठेका भारत का सबसे बड़ा शराब माफिया सरकार में पैसा देकर लेता था और सब कुछ वही तय करता था।''
योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि ''सबसे बड़ा शराब माफिया'' महिला एवं बाल विकास विभाग में भी दखल रखता था। उन्होंने कहा, ''जब मुझे जानकारी मिली तो मैंने कहा कि यह तो शराब माफिया है, इसका यहां क्या काम?'' मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस समय पोषाहार की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि वह खाने लायक ही नहीं होता था। उन्होंने कहा कि कुपोषण के कारण ही प्रदेश 'बीमारू' स्थिति में था। योगी ने सवाल किया, ''यह पाप कौन करता था, यह पाप करने वाले वही लोग हैं, जो जाति के नाम पर समाज को बांटकर समाज की सुरक्षा में भी सेंध लगाने का काम करते। बच्चों और कुपोषित माताओं के पोषाहार पर डकैती डालने का काम करते थे। ये वही लोग हैं जो आज नारेबाजी करके अव्यवस्था पैदा करते हैं।'
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'पहले पर्ची भी और खर्ची दोनों चलते थे'
नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा करते हुए उन्होंने कहा, ''मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि एक भी कार्यकर्ता ने न सिफारिश कराई होगी और न पैसा दिया होगा। लेकिन क्या यह 2017 से पहले संभव था? (खुद जवाब देते हुए) नहीं।'' उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ''तब सिफारिश और पैसा दोनों चलते थे यानी 'पर्ची भी और खर्ची भी'।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष भी 19,424 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 3,077 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे और एक भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वर्तमान व्यवस्था में अनियमितताओं की कोई गुंजाइश नहीं है। योगी ने कहा, ''अगर नवजात शिशु सुपोषित है और मां स्वस्थ है, तो मानकर चलिए कि भारत का भविष्य सशक्त है।''
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CM Yogi ने मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए
कोविड-19 महामारी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भूमिका की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दुनिया संकट में थी, तब ये कार्यकर्ता घर-घर जाकर कोविड प्रबंधन में अहम भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने विभाग की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में जल्द ही स्पष्ट बदलाव दिखाई देगा। योगी ने कहा, ''अगर आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट हो रहे हैं, तो कार्यकर्ताओं का मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए।'' उन्होंने विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा, ''हम एक बड़े आयोजन के माध्यम से आपका मानदेय बढ़ाएंगे। आपको सम्मानजनक भुगतान मिलना चाहिए और न्यूनतम मानदेय की गारंटी होनी चाहिए।''