Edited By Pooja Gill,Updated: 03 Apr, 2026 04:26 PM

मेरठ: यूपी के मेरठ जिले के इंचौली थाना क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान नैन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार...
मेरठ: यूपी के मेरठ जिले के इंचौली थाना क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान नैन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किया। शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय ने बताया कि ग्राम धनपुर में 27-28 मार्च की रात करीब 1:40 बजे नैन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि बीएसएफ कांस्टेबल नैन सिंह (35) की हत्या के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में जान गंवाने वाले बीएसएफ कांस्टेबल की पत्नी भी शामिल है। पांडे ने कहा कि जांच के दौरान यह पता चला कि जान गंवाने वाला बीएसएफ का कांस्टेबल अपनी पत्नी कोमल को गुलशन (क्षेत्र के निवासी) के साथ संबंध होने के कारण अक्सर ताना मारता था और अपमानित करता था। उन्होंने कहा कि इसी रंजिश के कारण आरोपियों ने साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में आरोपियों ने नैन सिंह की सोते समय गोली मारकर हत्या करने की बात कबूल की।
इन लोगों को किया गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान गुलशन, कोमल (जान गंवाने वाले जवान की पत्नी), राहुल उर्फ पवन, गुड्डु और मोंटू के रूप में हुई है। आरोपियों द्वारा दिए गए सुराग पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अवैध देशी पिस्तौल और गोला-बारूद बरामद किया है। पुलिस ने कहा कि 35 वर्षीय बीएसएफ जवान शनिवार (28 मार्च) शाम को मेरठ जिले में अपने घर पर मृत पाया गया और उसके शरीर पर गोली का घाव था। उन्होंने बताया कि घटना जिले के इंचौली थाना क्षेत्र स्थित धनपुर गांव की है।
छुट्टी पर घर आए BSF जवान को गोली मारकर उतारा था मौत के घाट
थाना प्रभारी बजरंग प्रसाद ने बताया कि बीएसएफ कांस्टेबल नैन सिंह (35) छुट्टी लेकर घर आए थे और इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। मृतक के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था। परिवार के सदस्यों ने कहा कि सिंह पश्चिम बंगाल में तैनात थे और छह मार्च को घर आए थे। इस संबंध में मृतक के पिता गरीबदास की लिखित शिकायत पर 28 मार्च को मामला दर्ज किया गया था। शुरुआती शिकायत में पड़ोसियों का नाम लिया गया था। पुलिस ने कहा, ''चश्मदीदों की अनुपस्थिति में पुलिस ने तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर जांच की।''