Edited By Anil Kapoor,Updated: 23 Mar, 2026 10:53 AM

Lucknow News: राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे (Chinese Manjha) ने एक बार फिर एक मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। कैसरबाग इलाके में पिता के साथ बाइक पर जा रही 6 साल की बच्ची अबीहा फातिमा इस जानलेवा धागे का शिकार...
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे (Chinese Manjha) ने एक बार फिर एक मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। कैसरबाग इलाके में पिता के साथ बाइक पर जा रही 6 साल की बच्ची अबीहा फातिमा इस जानलेवा धागे का शिकार हो गई। बच्ची की गर्दन और हाथ पर गहरे जख्म आए हैं, जिसके बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल भर्ती कराया गया।
बाइक पर आगे बैठी थी बच्ची, अचानक गर्दन में उलझा जाल
घटना लखनऊ के व्यस्त चार बत्ती चौराहे के पास की है। अबीहा के पिता खलील अहमद उसे अपनी बाइक पर आगे बैठाकर ले जा रहे थे। तभी अचानक आसमान से लटकता हुआ चाइनीज मांझा अबीहा की गर्दन और हाथों में बुरी तरह उलझ गया। जब तक खलील कुछ समझ पाते और बाइक रोकते, मांझे की धार ने मासूम की कोमल खाल को गहरा काट दिया था। सड़क पर खून बहने लगा और बच्ची दर्द से चीख उठी।
10 टांके और जिंदगी भर का खौफ
परिजनों ने तुरंत लहूलुहान अबीहा को बलरामपुर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्ची की गर्दन पर 10 टांके लगाए हैं। हालांकि अब अबीहा की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। पिता खलील अहमद ने भारी मन से कहा कि प्रशासन को इस जानलेवा मांझे पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, आज मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वो कल किसी और के साथ भी हो सकता है।
CM योगी के सख्त निर्देश, फिर भी पुलिस फेल?
हैरानी की बात यह है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए थे कि चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को 'हत्या' के समान माना जाएगा। पुलिस को प्रदेशव्यापी अभियान चलाने को कहा गया था, लेकिन लखनऊ की सड़कों पर लटकते ये धागे बताते हैं कि जमीनी स्तर पर कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है।
बैन के बाद भी बाजार में कैसे पहुंच रहा खूनी धागा?
चाइनीज मांझा प्लास्टिक और कांच के मिश्रण से बना होता है जो जल्दी टूटता नहीं है और ब्लेड की तरह काटता है। एनजीटी (NGT) के सख्त प्रतिबंध के बावजूद, कुछ लालची दुकानदार इसे गुपचुप तरीके से बेच रहे हैं। लखनऊ में पिछले कुछ हफ्तों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां राहगीरों के चेहरे और गर्दन कट गए, लेकिन कातिल मांझे के सौदागरों पर अब तक कोई ठोस लगाम नहीं लग सकी है।