Edited By Purnima Singh,Updated: 28 Mar, 2026 04:07 PM

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक आधुनिक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। इसके वास्तु और इंटीरियर डिजाइन में उत्तर प्रदेश की विरासत को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को एक अनूठा...
लखनऊ : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक आधुनिक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। इसके वास्तु और इंटीरियर डिजाइन में उत्तर प्रदेश की विरासत को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा।
हवेली शैली में झलकेगी उत्तर प्रदेश की विरासत
एयरपोर्ट के डिजाइन में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक हवेलियों की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। वास्तुकला में उपयोग किए गए डिजाइन एलिमेंट्स जैसे मेहराब, आंगन और पारंपरिक संरचनाएं यात्रियों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ेंगे।
गंगा घाट थीम से मिलेगा आध्यात्मिक अनुभव
टर्मिनल को गंगा घाट की थीम पर मल्टी-लेवल संरचना में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को वाराणसी और हरिद्वार के घाटों जैसा अनुभव मिलेगा। सीढ़ीनुमा डिजाइन, खुले स्पेस और प्रकाश व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि यह आध्यात्मिक और शांत वातावरण का एहसास कराए।
हैंडीक्राफ्ट्स से सजेगा पूरा एयरपोर्ट
एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण में देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक हैंडीक्राफ्ट्स का उपयोग किया गया है। यह पहल न केवल भारत की विविध कला परंपराओं को प्रदर्शित करेगी, बल्कि स्थानीय और राष्ट्रीय कारीगरों को भी एक वैश्विक मंच प्रदान करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का डिजाइन इस बात का उदाहरण है कि कैसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सांस्कृतिक पहचान को समाहित किया जा सकता है। हाईटेक सुविधाओं के साथ पारंपरिक थीम इसे अन्य एयरपोर्ट्स से अलग और विशिष्ट बना रही है।